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नवभारत न्यूज नेटवर्क
नागपुर: जेल से जमानत पर छूटे विधायक नवाब मलिक के एनसीपी (अजित पवार गुट) में कथित तौर पर शामिल होने को लेकर शुक्रवार को भी नागपुर में घमासान जारी रहा। इस मामले में भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार को सख्त शब्दों में पत्र लिखा और मलिक को महायुति में शामिल करने से इनकार कर दिया। उक्त पत्र वायरल होने के बाद जहां महायुति में मतभेद की चर्चा जोरों पर चल रही है, वहीं सीएम एकनाथ शिंदे ने फडणवीस का साथ देने का फैसला किया है। इस वजह से महायुति में अजित पवार अकेले पड़ गए हैं। 

आज भी सत्ताधारी दलों के बेंच पर बैठे मलिक
नागपुर में चल रहे महाराष्ट्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र में शामिल होने पहुंचे नवाब मलिक शुक्रवार को भी सत्ताधारी दलों के बेंच पर बैठे। हालांकि, इस दौरान डिप्टी सीएम फडणवीस ने मलिक की अनदेखी की। गुरुवार को मलिक महायुति में शामिल अजित पवार गुट के विधायकों के साथ सदन में बैठे दिखाई दिए थे। जिसके  बाद काफी हंगामा हुआ था। फडणवीस ने अजित पवार को पत्र लिखकर साफ़ तौर से कहा कि मलिक पर देशद्रोह का आरोप है। ऐसे में उन्हें महायुति में शामिल नहीं किया जा सकता। 

अजित गुट नाराज
फडणवीस के इस पत्र से अजीत गुट के नेता काफी  नाराज है। कैबिनेट मंत्री दिलीप वालसे पाटिल समेत कई नेता फडणवीस द्वारा खुले तौर पर पत्र लिखे जाने को गलत मान रहे हैं। 

मलिक गद्दार हैं
शिंदे गुट के प्रवक्ता संजय शिरसाट ने कहा कि नवाब मलिक गद्दार हैं। अजित पवार मुस्लिम वोटों के लिए यह फैसला लेना चाहते हैं, लेकिन  हमारा स्पष्ट रुख है कि मलिक हमारी सरकार में नहीं बैठेंगे। 

फडणवीस से मिले प्रफुल्ल
शुक्रवार को अजित पवार गुट के सीनियर नेता प्रफुल्ल पटेल ने नागपुर में  विधान भवन पहुंचने के बाद डिप्टी सीएम फडणवीस से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच 15 मिनट से अधिक समय तक चर्चा हुई। इसके बाद पटेल ने अजित  पवार से उनके कार्यालय में मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक मलिक विवाद को सुलझाने के लिए पटेल खास तौर से नागपुर पहुंचे हैं।  उन्होंने कहा कि हम लोगों ने 2 जुलाई को महायुति सरकार में शामिल होने का निर्णय लेने के बाद मलिक से उनके राजनीतिक विचारों को लेकर बात नहीं की है। मेडिकल ग्राउंड पर पर उन्हें जमानत मिली है। इसके बाद मलिक से सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात हुई है। पटेल ने इस तरह का बयान देकर फिलहाल इस विवाद को टालने की कोशिश की है। लेकिन अजित डिप्टी सीएम फडणवीस के रुख से बेहद नाराज हैं। उनका मानना है कि मलिक मामले को लेकर सार्वजनिक रूप से पत्र लिखने की जगह आपसी बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए था। 

ठाकरे गुट ने साधा निशाना
महायुति में जारी कलह के बाद उद्धव ठाकरे गुट ने भी निशाना साधा है। पार्टी प्रवक्ता संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने बिल्कुल नई जानकारी दी कि सत्ता से ज्यादा महत्वपूर्ण देश है। ये बात महाराष्ट्र के 12 करोड़ लोग नहीं जानते थे। हसन मुश्रीफ, प्रफुल्ल पटेल, सिंचाई घोटाला फेम अजित पवार, ईडी फेम भावना गवली, सरनाईक, मुलुंड के पोपटलाल का देश में सम्मान का स्थान है। ऐसा यह उनका देश है। केवल मलिक पर हमला किया जा रहा है। बाकी सभी महायुति की गोद में बैठे हैं। यह उसी तरह है, जैसे बिल्ली आंखें बंद करके दूध पिएं।