Nagpur Mayor Dayashankar Tiwari

  • महापौर दयाशंकर तिवारी ने जताया विश्वास

नागपुर. महिला सक्षमीकरण की दृष्टि से शहर में जीजाऊ स्मृति शोध संस्थान के माध्यम से उद्योजकों को संबल देने वाले प्रकल्प पर काम किया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की संकल्पना से लगभग 23 करोड़ रु. की लागत से ‘एग्जीबिशन कम इन्क्यूबेशन’ सेंटर का निर्माण किया जाना है जो देश का पहला प्रकल्प होगा. महिलाओं के लिए यह प्रकल्प दिशादर्शक साबित होने की विश्वास महापौर दयाशंकर तिवारी ने जताया. मनपा और केंद्रीय लघु, सूक्ष्म व मध्यम उद्योग मंत्रालय के सहयोग से प्रकल्प के डीपीआर प्रस्ताव पर बैठक ली गई. स्थायी समिति सभापति प्रकाश भोयर, सत्तापक्ष नेता अविनाश ठाकरे, विपक्ष नेता तानाजी वनवे, मनपा आयुक्त राधाकृष्णन बी, पूर्व महापौर नंदा जिचकार, धरमपेठ जोन सभापति सुनील हिरणवार आदि उपस्थित थे.

महिलाओं में नेतृत्व क्षमता

उन्होंने कहा कि महिलाओं में केवल देश ही नहीं, बल्कि विश्व का नेतृत्व करने की क्षमता है. सक्षम महिलाओं को उचित मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की आवश्कता है. इसी उद्देश्य से नंदा जिचकार के महापौर रहते समय जीजाऊ नाम से महिलाओं के लिए उद्योगों के संदर्भ में संशोधन प्रकल्प तैयार करने की नींव रखी गई थी. हाल ही में मंत्री गडकरी के हाथों इसका भूमिपूजन भी किया गया. इस प्रकल्प को उनके मंत्रालय की ओर से निधि देने की व्यवस्था की गई. महिलाओं की दृष्टि से सर्वसमावेशक प्रकल्प होने की आशा है. उसी दिशा में प्रकल्प पर काम किया जा रहा है. प्रकल्प के माध्यम से प्रशिक्षण लेकर महिलाएं अन्य के लिए प्रेरणास्रोत साबित होंगी. उद्योग में तैयार उत्पादन की बिक्री भी इसी केंद्र से करने की सूचना भी उन्होंने दी. 

मॉडल प्रोजेक्ट होगा

विभाग के संचालक पीएन पार्लेवार ने कहा कि विश्व की तुलना में भारत में केवल 10 प्रतिशत महिलाएं उद्योजिका हैं. इस तरह से संस्थान का यह प्रकल्प एक बड़ी उपलब्धि होगी. शहर में साकार हो रहा प्रकल्प देश की महिलाओं के लिए मॉडल प्रोजेक्ट होगा. इस प्रकल्प में प्रदर्शनी के लिए विशेष व्यवस्था की गई है. साथ ही इन्क्यूबेशन भी प्रस्तावित है. इन्क्यूबेशन को उद्योजकों की नर्सरी कहा जाता है. महिला व पुरुष को इससे उद्योगों की प्राथमिक से लेकर पूरी जानकारी मिल सकेगी. उनकी कुशलता को विकसित किया जाएगा. प्रकल्प में इन्क्यूबेशन का प्रस्ताव तो है लेकिन इसके लिए मनपा प्रशासन से चर्चा की जाएगी. 

इस तरह है प्रकल्प

  • शंकरनगर में 4051.70 वर्ग मीटर के प्लॉट में 3140.71 वर्ग मीटर पर प्रकल्प.
  • 5 मंजिल का रहेगा पूरा प्रकल्प.
  • बेसमेंट में 37 चारपहिया वाहन और 107 दुपहिया तथा 112 साइकिल पार्किंग की व्यवस्था.
  • तल मंजिल में 931 वर्ग मीटर जगह पर प्रदर्शनी के लिए जगह आरक्षित.
  • दूसरी मंजिल पर 789.76 वर्ग मीटर में प्रदर्शन सभागृह, ई-लाइब्रेरी.
  • तीसरी मंजिल पर 872.69 वर्ग मीटर में प्रशिक्षण सभागृह और कार्यशाला.
  • चौथी मंजिल पर  888.84 वर्ग मीटर में सभागृह और छोटा कॉन्फ्रेन्स हॉल. 
  • पांचवीं मंजिल पर 212 मीटर मीटर में कैफेटेरिया.