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    नागपुर. भाजपा किसान मोर्चा के महामंत्री आनंद राऊत ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की निष्क्रियता के चलते राज्य के किसान बीते 2 वर्ष में तबाह हो गए हैं. इस सरकार ने कर्जमाफी के संदर्भ में किसानों से धोखाधड़ी की. फसल बीमा योजना का लाभ बीमा कंपनियों से नहीं दिलवा पाई. नैसर्गिक आपदा के कारण किसान संकट में है जिन्हें मदद का हाथ चाहिए लेकिन असंवेदनशील मविआ सरकार ने किसानों को उध्वस्त करने का काम किया है. वे प्रेस परिषद में बोल रहे थे. इस दौरान अरविंद गजभिये, संदीप सरोदे, विलास ठाकरे, चंदन गोस्वामी, किरण आदमने उपस्थित थे. राऊत ने कहा कि अतिवृष्टि, बाढ़ ग्रस्त किसानों को अल्प मदद देकर उनके जख्म पर नमक रगड़ने का काम इस सरकार ने किया है. बीमा कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए नुकसान भरपायी से किसानों को वंचित रखा गया. 

    पैकेज का पता नहीं

    राऊत ने कहा कि इस सरकार ने अतिवृष्टि ग्रस्त लोगों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये और बाढ़ग्रस्त व बारिश से नुकसान के लिए 11,500 करोड़ का पैकेज घोषित किया था. वह मदद अभी भी किसानों तक नहीं पहुंचा है. इसके उलट केन्द्र सरकार ने राज्य के 2 लाख किसानों के बैंक खाते में 9,200 करोड़ रुपये जमा किये. किसानों की मदद का समय आया तो राज्य सरकार ने केन्द्र की ओर उंगली दिखाने का ही काम किया और अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया. इस सरकार ने बीमा कंपनियों का पेट भरने का काम किया है. 

    बीमा कंपनियों को फायदा

    राऊत ने कहा कि फडणवीस सरकार जब सत्ता में थी तब 2019-20 में 85 लाख किसानों को फसल बीमा का लाभ मिला था. उस वर्ष बीमा कंपनियों को 1 हजार करोड़ का नुकसान हुआ था. बीते वर्ष सिर्फ 15 लाख किसानों को 975 करोड़ की भरपायी ही बीमा कंपनियों की ओर से मिली लेकिन इन कंपनियों को 4,000 करोड़ रुपयों का लाभ हुआ.