People sitting in wrong train jumped from moving train in Jhansi, one killed, four injured
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  • हाउसफुल हुईं ट्रेनें, टिकट मिलना भी मुश्किल

नागपुर. कोविड की दूसरी लहर पर नियंत्रण और युद्धस्तर पर जारी वैक्सीनेशन का असर त्योहारी सीजन में एक बार फिर ट्रेनों में यात्रियों की संख्या से समझा जा सकता है. एक दिन बाद मनाए जाने वाले दशहरा के चलते अचानक यात्रियों की आवाजाही तेज हो गई. नागपुर आने वाली या यहां से गुजरने वाली कई ट्रेनों में 200 से अधिक की वेटिंग लिस्ट जा चुकी है तो कुछ ट्रेनों में निर्धारित रूट पर रिग्रेट (नो रूम) शुरू हो चुका है. कोरोना संक्रमण के कारण हुए नुकसान को झेलने के बाद ये आंकड़े रेलवे के लिए सुखद हैं. हालांकि यात्रियों को एक बार फिर वेटिंग लिस्ट की परेशानी सहनी पड़ रही है. ऐसे में अवैध टिकट एजेंट भी मौके का लाभ उठाने लगे हैं.

पुणे, मुंबई रूट पर कन्फर्म टिकट नहीं 

यूं तो नागपुर स्टेशन देश के प्रमुख जंक्शनों में शामिल है. यहां से चलने और गुजरने वाली करीब 90 प्रतिशत यात्री ट्रेनों का परिचालन दोबारा शुरू हो चुका है. हालांकि नागपुर का अधिकांश रेल यातायात मुंबई, पुणे और हावड़ा रूट पर है. नागपुर से इन शहरों के बीच अधिकांश स्टूडेंट्स, नौकरीपेशा और व्यापारी लोग सफर करते हैं. इस रूट पर पैसेंजर ट्रेनें छोड़कर बाकी सभी एक्सप्रेस और प्रीमियम ट्रेनें शुरू हो चुकी हैं. बावजूद इसके फिलहाल किसी भी ट्रेन में कन्फर्म टिकट नहीं मिल रही है. दशहरा के एक दिन पहले यानि 14 अक्टूबर को पुणे से नागपुर के लिए 4 ट्रेनें हैं. इनमें 200 से अधिक या इसके करीब वेटिंग लिस्ट पहुंच चुकी है. इसी प्रकार मुंबई से नागपुर के लिए जनरल वेटिंग 200 से पार हो चुकी है. वहीं कई ट्रेनों में पुल्ड कोटा 100 के पार हो चुका है जिसमें कन्फर्म टिकट मिलना असंभव होता है. ये आंकड़े स्लीपर क्लास के हैं. हालांकि थर्ड एसी और सेकंड एसी के आंकड़ों में बहुत अंतर नहीं है क्योंकि किसी भी ट्रेन में कन्फर्म टिकट या ऐसी कोई संभावना वाली स्थिति नहीं है.

वापसी भी मुश्किल

नागपुर में त्योहार मनाने के लिए मुंबई व पुणे से आने वाले यात्रियों के लिए वापसी भी कठिन ही होने वाली है. इसका कारण शुक्रवार को दहशरा और अगले 2 दिन वीकेंड है. शनिवार, 16 अक्टूबर को नागपुर से मुंबई और पुणे के लिए भी स्थिति और भी कठिन है. इस दिन के लिए स्लीपर क्लास में महाराष्ट्र एक्सप्रेस में वेटिंग लिस्ट 324 के पार हो चुकी है. इसी प्रकार 02280 हावडा-पुणे में 253 तक वेटिंग लिस्ट है. ऐसा ही हाल मुंबई जाने वाली ट्रेनों का भी है. यह स्थिति रविवार, 17 अक्टूबर को भी नजर आ रही है.

पटना, गोरखपुर की ट्रेनों में पैर रखना मुश्किल

दूसरी ओर, नागपुर से पटना, दानापुर, गोरखपुर जैसे उत्तर भारत जाने वाली ट्रेनों में हमेशा से अधिक विकट स्थिति नजर आ रही है. यूं तो यहां से आने और जाने वाली सभी ट्रेनों में पैर रखने की जगह नहीं रहती लेकिन अभी त्योहारी सीजन में हालत इससे भी खराब हो चुके हैं. भले ही रेलवे ने जनरल क्लास समाप्त कर दिया लेकिन इन ट्रेनों के स्लीपर क्लास बोगियां भी जनरल बोगियों की जैसे नजर आ रही हैं.

अवैध एजेंटों की चांदी

भले ही रेलवे सुरक्षा बल ने त्योहारी सीजन देखते हुए अवैध एजेंटों के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाकर खौफ फैलाने का प्रयास किया हो लेकिन इसका बहुत अधिक असर होता दिख नहीं रहा. अब मोबाइल रिपेयरिंग शॉप के भी लोग मजदूर यात्रियों की टिकट बनाकर उनसे मोटा कमीशन वसूल रहे हैं. वेटिंग का टिकट कन्फर्म होने का झांसा देकर जमकर अवैध रूप से कमाई की जा रही है.