Shriram Urban Co oprative bank

  • जय श्रीराम अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाला मामला

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नागपुर. जमा राशि पर मोटा मुनाफा देने की लालच देकर करोड़ों रुपयों की हेराफेरी करने वाले जय श्रीराम अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के अध्यक्ष खेमचंद उर्फ खेमदेव मेहरकुरे (58) को आखिर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. मामला दर्ज होने के 5 महीने बाद मेहरकुरे और अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया. पकड़े गए अन्य आरोपियों में अर्चना गोपाल टेके, योगेश मनोहर चरडे, अभिषेक खेमचंद मेहरकुरे, अंकुश अनिलराव कावरे और अशोक बालाजी दुरबुड़े का समावेश है.

सभी को न्यायालय ने पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए है. एफडी, आरडी और सेविंग अकाउंट में पैसा जमा करने पर अन्य बैंकों से ज्यादा लाभ देने का लालच देकर सोसायटी के संचालक मंडल, पदाधिकारियों और अधिकारियों ने करोड़ों रुपया जमा किया. अनधिकृत तरीके से अपने रिश्तेदारों और पहचान वालों को करोड़ों रुपयों का लोन बांट दिया. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भी विवादास्पद संपत्तियों पर लोन दिए गए.

घोटाला बाहर आते ही हुआ था फरार

इससे निवेशकों का पैसा डूब गया. सोसायटी में अनियमितता की जानकारी मिलने निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन संचालक मंडल द्वारा टालमटोल की गई. अचानक मेहरकुरे ने संस्था कार्यालय ही बंद कर दिया. इसी वर्ष मार्च महीने में निवेशकों ने पुलिस से शिकायत की थी. प्रकरण पुलिस तक जाने की भनक लगते ही मेहरकुरे फरार हो गया. कई दिनों तक निवेशकों ने उसके घर के सामने ही धरना दिया. सोसायटी की महिला कर्मचारी के साथ मारपीट भी हुई. पहले तो कुछ महीने कोतवाली थाने में ही मामला प्रलंबित रहा. 4 महीने बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा को सौंपी गई. अब पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. 

निवेशकों के 6.47 करोड़ डूबे

बताया जाता है कि सोसायटी के ऑडिट के दौरान 79.54 करोड़ रुपये की हेराफेरी सामने आई है. निवेशकों द्वारा जमा किए गए 6.47 करोड़ रुपये का गबन आरोपियों ने किया. मेहरकुरे ने निवेशकों के पैसों से अपना बंगला बनवाया. वह सुंधांशू महाराज के प्रवचन के कार्यक्रम आयोजित करता था. इस कार्यक्रम का खर्च भी सोसायटी से ही किया जाता था. बड़ा घोटाला होने के बावजूद शुरुआत में पुलिस ने इस प्रकरण को गंभीरता से नहीं लिया. इससे निवेशकों में काफी नाराजगी थी. अब आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद निवेशकों को अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद जागी है. पुलिस ने अपील की है कि जिन लोगों ने सोसायटी में पैसा निवेश किया है वें सिविल लाइन्स की प्रशासकीय इमारत क्र. 1 में स्थित ईओडब्लू के कार्यालय में शिकायत करें.