Traffic Rules Violation,
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नागपुर. शहर में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. सिटी की कमान संभालने से पहले सीपी रवींद्रकुमार सिंगल बतौर एडीजी ट्रैफिक पद पर कार्यरत थे. उन्होंने अपने कार्यकाल में समृद्धि सहित अन्य महामार्गों पर एक्सीडेंट रोकने के लिए कई उपक्रम चलाए और इससे हादसों में कमी भी आई. अब शहर में हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर सीपी चिंतित है और हादसों को कम करने के लिए विभिन्न उपाययोजना की जा रही है. सीपी ने चर्चा में बताया कि नागरिकों में ट्रैफिक सेन्स लाना बेहद आवश्यक है.

ज्यादातर हादसे नियमों के प्रति संवेदनशीलता न होने के कारण होते हैं. केवल 3 महीनों में 97 नागरिक हादसों में जान गंवा चुके हैं. यह आंकड़ा बेहद गंभीर है. इसीलिए पुलिस ने एक्शन के साथ जनजागृति को लेकर भी काम शुरू कर दिया है. सबसे पहले रांग साइड वाहन चलाकर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ अभियान शुरू किया गया है. सीपी ने बताया कि अब तक 400 वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वीहिकल एक्ट के साथ-साथ आईपीसी की धारा 336 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया जा चुका है.

पहले लोग केवल चालान भरकर निकल जाते थे. दोबारा वही गलती करते थे. कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण नियमों को ताक पर रखा जा रहा था. इसीलिए सख्त एक्शन लेने की नौबत आ गई. पुलिस बड़े पैमाने पर कार्रवाई कर रही है और मामले दर्ज किए गए हैं. 1 महीने में इन प्रकरणों की चार्जशीट कोर्ट में जाएगी. कोर्ट का चक्कर लगने के बाद निश्चित ही लोगों के सुधरने की उम्मीद है. पिछले 5 वर्षों में लगातार हादसे बढ़ रहे हैं. इसका कारण जानना जरूरी है.

पुलिस ने सेव लाइफ फाउंडेशन के साथ शहर में हो रही दुर्घटनाओं का आकलन कर रही है. दुर्घटनाओं की वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है. कहां वाहन चालक की चूक है और कहां रोड में गड़बड़ी है. इसकी विस्तृत रिपोर्ट डीसीपी ट्रैफिक से मांगी गई है. मंगलवार को यह रिपोर्ट मिल जाएगी. इसके साथ ही उपाय योजनाओं पर काम किया जाएगा. हाल ही में हुए 4 हादसों में कम उम्र के बच्चों की मौत हुई. चारों के सिर पर हेलमेट नहीं था.

सिर पर चोट ही मौत का कारण बनी. इसीलिए यातायात विभाग को हेलमेट और सिग्नल जम्पिंग के केसेस पर ध्यान केंद्रित करने को कहा गया है. एक्सीडेंट और रोड सेफ्टी को लेकर शहर की जितनी भी एनजीओ और अन्य संस्थान काम करना चाहते हैं उनका स्वागत है. नागरिक भी इस काम में पुलिस की मदद कर सकते हैं. कई चौराहों पर स्टॉप लाइन नहीं है. कुछ जगहों पर सिग्नल बंद पड़े हैं. इसीलिए अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर सुधार कार्य किया जा रहा है.