Maharashtra Two arrested in connection with bank fraud in Latur
करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी

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नागपुर. किरायेदार के दस्तावेजों का दुरुपयोग करके अपनी ही फाइनेंस कंपनी से 1.50 लाख रुपये का लोन लेने के मामले में पुलिस ने जैवरॉन फाइनेंस प्रा. लि. के संचालक पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. आरोपी राजनगर निवासी भरत रमेश वासवानी (31) बताया गया. जरीपटका के कुशीनगर में स्थित गोपी गणेश अपार्टमेंट में वासवानी का फ्लैट है.

वर्ष 2019 में यह फ्लैट घनश्याम आसनदास खेमानी (50) ने किराये पर लिया था. घनश्याम मोबाइल और कपड़ों का व्यापार करते हैं. रेंट एग्रीमेंट बनाने के लिए वासवानी ने घनश्याम से पैन कार्ड, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मांगा था. वर्ष 2021 में घनश्याम को लैपटॉप खरीदना था. दूकान में जाकर उन्होंने लैपटॉप पसंद किया लेकिन कंज्यूमर लोन की मांग करने पर दूकानदार ने इनकार कर दिया. दूकानदार ने बताया कि आपके नाम पर पहले ही लोन चल रहा है.

किस्त अदा नहीं करने की वजह से उनका सिबिल स्कोर भी खराब हो गया है. इसीलिए लैपटॉप के लिए लाइसेंस नहीं हो सकता. यह सुनकर घनश्याम का माथा घूम गया. जांच पड़ताल करने पर पता चला कि वर्ष 2019 में उनके नाम पर महाराजबाग रोड पर स्थित जैवरॉन लाइसेंस कंपनी से 1.50 लाख रुपये का लोन लिया गया था.

कंपनी की जानकारी खंगालने पर पता चला कि उनका मकान मालिक भरत वासवानी ही कंपनी का एमडी है. उन्होंने वासवानी से पूछताछ की तो टालमटोल करने लगा. आखिर परेशान होकर घनश्याम ने जरीपटका पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है.