Deaths increasing in India due to smokeless tobacco : Study
Image: Google

    नागपुर. अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कलमना पुलिस की मदद से एक घर में चल सुगंधित तंबाकू के कारखाने का पर्दाफाश किया. आनंद वडीचार ने कलमना स्थित अपने मकान का पहला माला दुर्गेश अग्रवाल को किराये पर दिया था. यहां प्रतिबंधित सुगंधित तंबाकू का उत्पादन किया जाता था.

    अग्रवाल शहर के पान ठेला संचालकों से एक कंपनी के तंबाकू के खाली टिन खरीद लेता था. उसमें इगल हुक्का शीशा तंबाकू के साथ सादी तंबाकू मिलाकर रिपैक किया जाता था. कार्रवाई के दौरान वहां से 696 टिन के डब्बे, इगल हुक्का शीशा तंबाकू के 106 पैकेट, 78 किलो खुली सुगंधित तंबाकू बरामद की गई. पकड़े गए माल की कीमत 6,60,720 रुपये बताई जाती है.

    एफडीए ने जब्त माल को अपने कब्जे में ले लिया. इसके अलावा परिसर से पैकिंग मशीन, पैकिंग मटेरियल, खाली बॉक्स, टिन भी जब्त किए गए. परिसर का इस्तेमाल दोबारा प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री के लिए न हो सके इसलिए उसे सील कर दिया गया. इस मामले में दुर्गेश अग्रवाल और आनंद वडीचार के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

    कार्रवाई एफडीए के सह आयुक्त ज.रा. वाणे के मार्गदर्शन में फूड इन्स्पेक्टर पी.वी. मानवतकर, यदुराज दहातोंडे ने की. कलमना पुलिस स्टेशन के उप निरीक्षक अनिल इंगोले, विवेक झिंगरे, चंद्रशेखर यादव, प्रशांत गभने, धनराज सीगुरवार का सहयोग मिला.