Bank fraud

    नागपुर. दूसरी सोसाइटी का प्लॉट अपना बताकर एक व्यक्ति के साथ बिक्री करारनामा करके धोखाधड़ी करने वाले प्रापर्टी डीलर के खिलाफ सीताबर्डी पुलिस ने विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. आरोपी बिल्डर दीक्षित वाड़ा, सीताबर्डी निवासी मुकुंद श्यामलाल घाटे और इनकम टैक्स कॉलोनी निवासी मदनलाल नंदलाल यादव का समावेश है. पुलिस ने पूजा कॉलोनी , यवतमाल निवासी फिरोज आमिरअली दोसानी (54) की शिकायत पर मामला दर्ज किया है.

    फिरोज बैटरी का व्यवसाय करते हैं. व्यवसाय के लिए नागपुर आना-जाना था. वर्ष 2007 में उनकी पहचान घाटे से हुई. घाटे ने बताया कि वो क्राउन कोऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष है. उनकी सोसाइटी का बेसा में लेआउट है. कम दाम में प्लॉट मिल रहे जिसकी भविष्य में दोगुनी कीमत मिलेगी. 1 लाख रुपये देकर फिरोज ने घाटे के साथ करारनामा किया. उस समय मदनलाल यादव भी महल स्थित रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित था. तब पता चला कि प्लॉट यादव का है. इसके बाद अगस्त 2008 में फिरोज ने घाटे और यादव को 30,5000 लाख रुपये दिए और रजिस्टर्ड बिक्री करारनामा, कब्जा पत्र और आममुख्त्यार पत्र दिया गया.

    बाद में फिरोज सेलडीड करवाने के लिए चक्कर काटते रहे लेकिन घाटे टालमटोल करता रहा. आखिर उसने रजिस्ट्री करवाने से ही इनकार कर दिया और धमकाने लगा. जांच करने पर फिरोज को पता चला कि प्लॉट क्राउन कोऑपरेटिव सोसाइटी में नहीं बल्कि मिलिंद सहकारी गृह निर्माण संस्था का है.

    दूसरी संस्था की जमीन पर उन्हें प्लॉट बेच दिया गया. फिरोज ने प्रकरण की शिकायत सीताबर्डी पुलिस से की लेकिन पुलिस ने भी मामला दर्ज करने में टालमटोल की. आखिर फिरोज ने न्यायालय में अपील की और कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी सहित विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया. फिरोज ने बताया कि घाटे ने इस तरह और भी लोगों के साथ धोखाधड़ी की है.