बालिका का विनयभंग : वृद्ध को 3 वर्ष की जेल

    नागपुर. पोक्सो स्पेशल न्यायालय के न्यायाधीश आरपी पांडे ने 11 वर्षीय बालिका के विनयंभग के मामले में आरोपी गवलीपुरा, धरमपेठ निवासी दशरथ गोविंद बागडे (70) को दोषी करार देते हुए कारवास की सजा सुनाई. दशरथ को कलम 8 पोक्सो के तहत 3 वर्ष की कैद व 5,000 रुपये जुर्माना की सजा दी. जुर्माना न भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त जेल होगी.

    वहीं कलम 12 पोक्सो के तहत 1 वर्ष की जेल और 2,000 रुपये जुर्माना की सजा दी. जुर्माना न भरने पर 1 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा. पुलिस द्वारा पेश किए गए सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने दशरथ को दोषी करार दिया.

    घर के बाहर खेल रहे थी बच्ची

    पीड़ित बालिका और दशरथ पड़ोसी हैं. घटना 11 जून 2020 को दोपहर 3 बजे की है. 11 वर्षीय बालिका अपने घर के सामने साइकिल चला रही थी. इसी समय दशरथ ने उसे अपने घर में बुलाया और अश्लील हरकतें कीं. पीड़ित बालिका ने घर जाकर उसकी सारी हरकतें अपने परिवार वालों का बताईं. मामला दर्ज होते ही पुलिस ने 12 जून को दशरथ को गिरफ्तार कर लिया.

    पुलिस की ओर से जांच अधिकारी एपीआई योगेश मोहिते ने कोर्ट में चार्जशीट फाइल की. पुलिस की ओर से बाबाराव धांदे, अनिल काले और राजकुमार फाले ने कोर्ट कार्यवाही देखी. अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील एड. आशावरी परसोडकर और बचाव पक्ष से एड. नालसकर ने पैरवी की.