Aapli Bus
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    • 59,625 का ठोका जुर्माना
    • 91 बार नियमों का उल्लंघन

    नागपुर. बसों के संचालन को लेकर भले ही मनपा प्रशासन आश्वस्त हों लेकिन कई बसों में जीपीएस नदारद और संचालन के दौरान कई नियमों का उल्लंघन किए जाने का हवाला देते हुए संचालन की जिम्मेदारी संभाल रही डिम्स कम्पनी की ओर से 91 बार आपली बस पर जुर्माना ठोंकने की कार्रवाई की. जिसके खिलाफ अब आर.के. बस ऑपरेशन प्रा. लि. कम्पनी ने परिवहन समिति से जुर्माना माफ करने की गुहार लगाई है. बताया जाता है कि डिम्स ने कम्पनी पर 59,625 रु. का जुर्माना ठोंका है.

    नियमों के अनुसार बसों का संचालन सुचारू ढंग से करने के लिए मनपा की ओर से न केवल बस ऑपरेटर्स बल्कि इन ऑपरेटर्स पर नजर रखने के लिए दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लि. कम्पनी की नियुक्ति की गई. कम्पनी की ओर से बसों के संचालन पर नजर रखने के लिए कई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है. जिसके लिए मनपा द्वारा कम्पनी को प्रति माह लाखों रुपए का भुगतान किया जाता है. 

    परिवहन समिति और कम्पनी में टसल

    उल्लेखनीय है कि बसों में बिना टिकट आदि की कार्रवाई की जिम्मेदारी भी डिम्स कम्पनी पर सौंपी गई है. किंतु कई बार औचक निरीक्षण के दौरान डिम्स कम्पनी के कर्मचारियों की लापरवाही उजागर होने के बाद परिवहन सभापति और कम्पनी के अधिकारियों के बीच विवाद रहा है. समिति के पदाधिकारी और कम्पनी के अधिकारियों के बीच हमेशा से टसल चलता आ रहा है. अब बस ऑपरेटर कम्पनी ने डिम्स के खिलाफ समिति के पास शिकायत दर्ज की. जिसमें बेवजह परेशान करने और नियमों के अनुसार बसों का संचालन होने के बावजूद कार्रवाई किए जाने के आरोप लगाए गए.

    जुर्माना वापस लेने की मांग

    आर.के. बस ऑपरेटर की शिकायत के अनुसार बसों में न केवल जीपीएस सिस्टम नदारद होने का हवाला दिया गया, बल्कि अवैध रूट्स पर बसों का संचालन किए जाने, समय से पहले ही बसों को शेड में पार्क करने, शटर ट्रीप पूरी नहीं किए जाने का भी दोषी करार दिया गया है. ऑपरेटर का मानना है कि शहर के कई हिस्सों में सड़कों का काम किया जा रहा है. पहले से निर्धारित रूट्स पर तो बस चलाई जाती है, किंतु जितनी दूरी तक सड़क काम शुरू रहता है उस हिस्से को छोड़कर बस दूसरे मार्ग से अपने गंतव्य तक पहुंच जाती है. बसों को समय पर ही शेड में लिया जाता है. कुछ तकनीकी कारणों से जीपीएस काम नहीं कर पाते है. ऐसे में उन्हें बंद करार दिया जा रहा है.