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    नागपुर. ठेकेदार का बिल मंजूर करने के लिए 75,000 रुपये की रिश्वत लेने वाले जिला परिषद के जल संधारण विभाग के अभियंता को अमरावती एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रंगेहाथ गिरफ्तार किया. पकड़ा गया आरोपी अधिकारी उदयनगर, मानेवाड़ा रोड निवासी रमेशकुमार हीरालाल गुप्ता (56) बताया गया. गुप्ता जिला परिषद के लघु सिंचाई विभाग में जलसंधारण अधिकारी है.

    सरकारी सिविल कांट्रेक्टर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया. बताया जाता है कि ठेकेदार को रामटेक तहसील के सालई परिसर में सीमेंट नाला बनाने का ठेका 20 लाख रुपये में मिला था. काम पूरा होने के बाद ठेकेदार ने बिल मंजूर करवाने के लिए गुप्ता से संपर्क किया. गुप्ता ने निविदा में जीएसटी की रकम छोड़कर 2 प्रश कमिशन के तौर पर 40,000 रुपये, बिल बढ़ाकर देने के लिए 25,000 रुपये और ग्रांट बढ़ाकर लाने के लिए 15,000 रुपये ऐसे कुल 75,000 रुपये की मांग की. 

    पहले नागपुर एसीबी से की थी शिकायत

    ठेकेदार ने गुप्ता के खिलाफ नागपुर एसीबी से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसीलिए उन्होंने एसीबी के डीजी रजनीश सेठ से प्रकरण की शिकायत की. उन्होंने अमरावती रेंज के एसपी विशाल गायकवाड़ को कार्रवाई के आदेश दिए. गायकवाड़ के मार्गदर्शन में एडिश्नल एसपी अरुण सावंत ने प्रकरण की जांच शुरू की. वेरिफिकेशन में ठेकेदार द्वारा की गई शिकायत सही साबित हुई. मंगलवार को गुप्ता ने ठेकेदार को रकम लेकर उदयनगर स्थित अपने घर पर बुलाया. सावंत के नेतृत्व में डीवायएसपी गजानन पड़धन, इंस्पेक्टर राहुल तसरे, संतोष इंगले, ममता अफुणे, विनोद कुंजाम, युवराज राठोड़, ज्योति झाड़े, सुनील जायभाए, राजेस कोचे, उपेंद्र थोरात और सतीश किटुकले ने घर के बाहर जाल बिछा लिया. 

    हुड़केश्वर थाने में दर्ज किया मामला

    जैसे ही गुप्ता ने 75,000 रुपये हाथ में लिए ट्रैप लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. गुप्ता के खिलाफ हुड़केश्वर थाने में भ्रष्टाचार प्रतिबंधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया. इसी के साथ एसीबी की टीम ने गुप्ता के घर की तलाशी भी शुरू कर दी. देर रात तलाशी अभियान चल रहा था. इस कार्रवाई से जिला परिषद के साथ नागपुर एसीबी कार्यालय में भी खलबली मच गई है. सीधे डीजी द्वारा आदेश देने के बाद अमरावती एसीबी ने नागपुर में कार्रवाई की गई.