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    नागपुर. समाचार पत्रों में कस्तूरचंद पार्क की दयनीय अवस्था उजागर होने के बाद हाई कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे जनहित में स्वीकार किया. याचिका पर बुधवार को सुनवाई के दौरान मनपा की ओर से पैरवी कर रहे अधि. जैमिनी कासट ने कहा कि गत समय हाई कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए भले ही कस्तूरचंद पार्क मैदान पर रावण दहन की अर्जी को अस्वीकार किया गया हो लेकिन चूंकि इस संदर्भ में कोई स्पष्ट आदेश नहीं थे, अत: संस्था की अर्जी पर पुनर्विचार किया जाएगा.

    इसके बाद न्यायाधीश सुनील शुक्रे और न्यायाधीश अनिल किल्लोर ने 4 अक्टूबर तक जवाब दायर करने के आदेश दिए. अदालत मित्र के रूप में अधि. श्रीरंग भांडारकर और मनपा की ओर से अधि. जैमिनी कासट ने पैरवी की. अदालत का मानना था कि हेरिटेज-1 ग्रेड में कस्तूरचंद पार्क होने के बावजूद इसकी देखभाल में पूरा प्रशासन असफल रहा है. 

    28 को हेरिटेज कमेटी की बैठक

    अधि. जैमिनी कासट ने अदालत से कहा कि 25 अगस्त 2021 को रावण दहन के लिए अनुमति देने से हेरिटेज कमेटी ने इनकार कर दिया था जिसमें हाई कोर्ट की ओर से इस संदर्भ में आदेश होने का हवाला दिया गया किंतु वास्तविकता यह है कि हाई कोर्ट ने इस तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई.

    हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल 2017 के आदेश में 15 अगस्त, 26 जनवरी और महाराष्ट्र दिवस पर यहां होने वाले कार्यक्रमों के अलावा अन्य को अनुमति नहीं देने के आदेश दिए थे. रावण दहन को लेकर कोई आदेश नहीं होने से अब 29 सितंबर को होने जा रही हेरिटेज कमेटी की बैठक में 25 अगस्त के फैसले पर पुनर्विचार किया जाएगा जिसके बाद उचित निर्णय लिया जाएगा. 

    इमारत के चारों ओर कटघरा

    मनपा की ओर से दायर किए गए हलफनामा में बताया गया कि यहां पर कुछ विकास कार्य चल रहे हैं जिसके चलते मैदान की दुरावस्था दिखाई दे रही है. कार्य को लेकर दिए गए टेंडर के अनुसार विकास कार्य को अंजाम दिया जा रहा है. सुनवाई के बाद अदालत ने हलफनामा में दिए गए विकास कार्यों की जानकारी के अनुसार सभी कार्य पूरे करने के आदेश भी जारी किए.

    अति. पुलिस आयुक्त की ओर से शपथ पत्र में बताया गया कि रात के समय भी पुलिस की ओर से कार्रवाई कर इन्हें गिरफ्तार किया गया है. लेकिन बाद में छूटते ही पुन: भिखारियों की ओर से इसे पनाहगाह बनाया जाता है. हालांकि इस इमारत में किसी तरह का अतिक्रमण तो नहीं है लेकिन इमारत के नीचे सुरक्षा देखकर भिखारी यहां रहते हैं. मनपा की ओर से इसके चारों ओर कटघरा तैयार करने की आवश्यकता है जिसके लिए मनपा को पत्र भी भेजा गया.