Representational Pic
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    • 59,195 कुल सीटें 
    • 25,561 सीटें खाली 
    • 27 कॉलेजों में सेक्शन बंद होने की कगार पर 

    नागपुर. इस बार भी सिटी के जूनियर कॉलेजों में 11वीं प्रवेश में साइंस फैकल्टी की हालत ठीकठाक रही लेकिन आर्ट‍्स, कॉमर्स और एमसीवीसी की आधे ही सीटें भर पाईं. छात्रों की कमी की वजह से अनुदानित जूनियर कॉलेजों में शिक्षकों के अतिरिक्त होने का खतरा मंडरा रहा है. इतना ही नहीं स्थिति इसी तरह रही तो अगले सत्र में 11वीं के और सेक्शन बंद हो जाएंगे. 

    इस बार 11वीं की कुल 59,195 सीटों में 25,561 सीटें खाली रह गईं. सीटें खाली होने से इस बार करीब 27 जूनियर कॉलेजों में 11वीं के सेक्शन बंद होने की संभावना है. इन कॉलेजों में गिनती के ही प्रवेश हुये हैं. इस हालत में शिक्षकों की संख्या भी कम हो जाएगी. शिक्षकों को भी लग रहा है कि उन्हें अतिरिक्त किया जा सकता है. इस संबंध में शिक्षा विभाग द्वारा दिवाली छुट्टी के बाद नियोजन शुरू करेगा. कोरोना की वजह से इस बार 100 फीसदी परिणाम घोषित होने के बाद भी सभी सीटों पर प्रवेश नहीं हो सका. दरअसल, शहर के अलावा अन्य जिलों से आने वाले छात्रों की संख्या कम रही. वहीं, दूसरी ओर अनेक सीबीएसई स्कूलों द्वारा 11 वीं के सेक्शन शुरू किये जाने से भी छात्र स्टेट बोर्ड में नहीं आये. 

    कोचिंग से टायअप वाले काट रहे चांदी

    पिछले कुछ वर्षों में जूनियर कॉलेजों ने सीटें बढ़ाई हैं लेकिन छात्रों की संख्या नहीं बढ़ रही हैं. सिटी के अधिकांश छात्र साइंस के साथ ही अंग्रेजी माध्यम कॉमर्स में प्रवेश लेते हैं. इस बार साइंस की कुल 28,880 सीटों में से 9,039 सीटें खाली रही. यानी साइंस फैकल्टी के प्रवेश अच्छे हो गये. दरअसल, साइंस फैकल्टी वाले अधिकांश कॉलेजों का कोचिंग-ट्यूशन से टायअप होने से उन्हें छात्रों के लिए भटकना नहीं पड़ा. इन कॉलेजों को बिना परिश्रम किये ही छात्र मिल जाते हैं. छात्रों को प्रैक्टिकल के लिए भी कॉलेज नहीं जाना पड़ता. वहीं, दूसरी ओर प्रैक्टिकल में पूरे-पूरे अंक मिल जाते है. इन कॉलेजों में वर्षभर क्लासेस भी नहीं लगती लेकिन इस व्यवस्था की वजह से अन्य कॉलेजों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं. भविष्य में यह समस्या गंभीर होने वाली है.

    आर्ट‍्स कॉलेजों की सबसे बुरी हालत 

    सबसे अधिक दिक्कतें आर्ट‍्स कॉलेजों की बढ़ गई हैं. आर्ट के अधिकांश कॉलेज अनुदानित है. इन कॉलेजों में कर्मचारी व शिक्षकों की नियुक्ति के लिए एक क्लास में कम से से 31 छात्र होना आवश्यक है. यदि छात्र कम हो तो फिर शिक्षकों का अतिरिक्त होना तय है. वर्षों से सेवा में कार्यरत शिक्षकों की भी चिंता बढ़ने लगी है. सिटी के 124 जूनियर कॉलेजों में से 27 कॉलेज बंद होने की स्थिति में पहुंच गये है. कुछ कॉलेजों में 20 से अधिक छात्रों ने प्रवेश नहीं लिया है.

    इस बार की स्थिति 

    संकाय कुल सीटें   रिक्त सीटें 

    आर्ट‍्स 9,420 5,441

    कॉमर्स 17,880  8,866

    साइंस 28,880  9,039

    एमसीवीसी 4,015 2,215