मराठा आरक्षण (डिजाइन फोटो )
मराठा आरक्षण (डिजाइन फोटो )

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नागपुर: महाराष्ट्र (Maharashtra) में आरक्षण (Maratha Reservation) की मांग को लेकर मराठा समुदाय एक बार फिर आक्रामक हो गया है। आपको बता दें कि मराठा युवा सेना ने विधान भवन इलाके में बैनर फहराया है। आरक्षण का विरोध करने वालों के खिलाफ बैनर लगाए गए हैं और इस बैनर पर ’23 मार्च 1994 की बात करें’ लिखा हुआ है।  इसलिए नागपुर (Nagpur Winter Session 2023) में मराठा बनाम ओबीसी टकराव की होने आशंका है। ऐसे में अब यह देखना होगा की नागपुर में शीतकालीन सत्र के दौरान मराठा आरक्षण के लिए मराठों द्वारा क्या किया जाता है। आइए जानते है क्या है पूरी खबर… 

सरकार को अल्टीमेटम 

जैसा की हम सब जानते है मराठा समुदाय को कुनबी प्रमाण पत्र (Maratha Reservation) दिए जाने की मांग को लेकर मनोज जरांगे पाटिल (Manoj Jarange Patil) ने अनशन शुरू किया था। महाराष्ट्र सरकार के आश्वासन के बाद उन्होंने अपना अनशन वापस ले लिया। इतना ही नहीं बल्कि जरांगे ने सरकार को चेतावनी भी दी है कि 24 दिसंबर तक आरक्षण पर फैसला लें, नहीं तो हम मुंबई आकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 

Manoj Jarange
मनोज जरांगे

भुजबल और जरांगे की जुबानी जंग 

दूसरी ओर, मंत्री छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) ने मनोज जरांगे पाटिल की भूमिका का विरोध किया है। छगन भुजबल ने स्टैंड लिया है कि मराठा समुदाय को कुनबी सर्टिफिकेट न दें, उन्हें अलग से आरक्षण दें। इसे लेकर भुजबल और जरांगे के बीच जुबानी जंग चल रही है, जिसे हर कोई देख रहा है।

Chhagan Bhujbal and Manoj Jarange

बैनर पर सवाल 

इसी तरह जब नागपुर में विधानमंडल का शीतकालीन सत्र चल रहा है तो मराठा समुदाय ने विधानमंडल क्षेत्र में बैनर लगाए गए हैं। इस बैनर पर लिखा है विरोधियों, मराठा आरक्षण की राजनीति मत करो। मराठा 60 साल तक आरक्षण से वंचित क्यों रहे? बैनर पर इसका लेखा-जोखा, 23 मार्च 1994 की भी बात छपी है।

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भुजबल को चेतावनी 

इस बीच आरक्षण को लेकर मनोज जरांगे और मंत्री छगन भुजबल के बीच विवाद जारी है। यवतमाल जिले के उमरखेड़ में एक सभा से मनोज जरांगे पाटिल ने एक बार फिर छगन भुजबल पर हमला बोला है। मनोज जरांगे ने अप्रत्यक्ष चेतावनी दी है कि मराठाओं को आरक्षण मिलने पर छगन भुजबल को देख लेंगे ऐसा कहा है। ऐसे में अब संभावना है कि नागपुर में मराठा आरक्षण को लेकर माहौल गरमा सकता है।