Sunil Jawade Murder in Rambagh

    नागपुर. इमामवाड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार को तड़के सनसनीखेज वारदात हुई. गंजेड़ी युवकों ने एक व्यक्ति को इसीलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि उसने आरोपियों को बौद्ध विहार के सामने बैठकर गांजा पीने से रोका था. इस घटना से पूरे परिसर में हड़कंप मच गया है और नागरिकों में रोष का माहौल है. मृतक रामबाग निवासी सुनील रामा जवादे (46) बताए गए. सुनील कॉटन मार्केट में सब्जी की दलाली करते थे. उन्हें परिसर में समाजसेवी के रूप में जाना जाता था और समता सैनिक दल के कार्यकर्ता भी थे. परिसर में किसी पर भी कोई मुसिबत आए सुनील दौड़कर मदद के लिए चले जाते थे. परिसर में असामाजिक तत्वों का डेरा भी उन्हें पसंद नहीं था. किसी को कोई गलत काम करते देख फटकार लगा देते थे. 

    5 दिन पहले लगाई थी फटकार

    5 दिन पहले उन्होंने परिसर के बौद्ध विहार के सामने कुछ नाबालिगों को गांजा पीते देखा. उन्हें जमकर फटकार लगाई और दोबारा परिसर में इस तरह की हरकत करने पर पुलिस से शिकायत करने की चेतावनी भी दी. बताया जाता है कि इन्हीं नाबालिग लड़कों का कुछ दिन पहले सुनील के भतीजे सोनू के साथ विवाद हुआ था. इन नशेड़ियों ने सुनील को ही मारने का प्लान बना लिया. 15 से 18 वर्ष उम्र के चारों लड़कों ने सुनील की गतिविधियों पर नजर रखी.

    रातभर परिसर में बैठकर नशा किया. सुबह 4.30 बजे के दौरान सुनील मार्केट जाने के लिए घर से निकले. इसी दौरान आरोपियों ने उन्हें घेर लिया. तलवार और चाकू से वार कर सुनील को बुरी तरह जख्मी कर दिया. आवाज होने पर परिसर के नागरिकों की नींद खुली. तब तक चारों आरोपी भाग चुके थे. 

    परिवार गहरे सदमे में

    सुनील को उपचार के लिए मेडिकल अस्पताल ले जाया गया लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया. खबर मिलते ही इमामवाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची. डीसीपी नुरूल हसन ने भी घटनास्थल का जायजा लिया. कुछ घंटे बाद ही पुलिस ने चारों नाबालिगों को हिरासत में ले लिया. 1 आरोपी बालिग होने का अनुमान है. पुलिस सभी के दस्तावेजों की छानबीन कर रही है.

    इस घटना को लेकर केवल जवादे परिवार ही नहीं, स्थानीय नागरिक भी सकते में हैं. पत्नी प्रीति को सुनील के जाने का गहरा सदमा पहुंचा है. सभी को 8 वर्ष के बेटे प्रिंस के भविष्य की चिंता सता रही है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि परिसर में हमेशा असामाजिक तत्व मंडली जमाए बैठे रहते हैं. शराब और गांजे का सेवन तो आम बात हो गई है. कोई समझाने जाए तो विवाद करते हैं.