• कामठी रोड पर देर रात सक्रिय रहता है गिरोह

नागपुर. उत्तर नागपुर में उप्पलवाड़ी से लेकर गरुड़ चौक कामठी तक देर रात ऐसा गिरोह हाईवे में सक्रिय रहता है जिसमें 2-3 लड़कियां शामिल हैं. देर रात रोड पर बाइक सवारों को ये लड़कियां इशारे कर लिफ्ट मांगती हैं और अगर कोई रुक गया तो फिर रोड के किनारे अंधेरे में छिपे हुए 4-5 साथी उसे घेर लेते हैं और मारपीट कर लूट लेते हैं. इस तरह की कुछ घटना होने की सूचना मिली है. एक युवक तो लूट से बच निकला और उसने पुलिस से शिकायत भी की.

पुलिस ने रोड पर गश्त बढ़ाने का आश्वासन भी दिया है. एक निजी कंपनी में कार्यरत युवक को देर रात ही अपने घर लौटना पड़ता है. 5-6 दिन पूर्व जब वह रात करीब 12 बजे अपने घर लौट रहे थे तो आशा हॉस्पिटल से गरुड़ चौक के बीच में अंधेरे में रोड के किनारे खड़ी एक युवती ने उन्हें लिफ्ट के लिए हाथ दिखाया. इतनी रात को अकेली युवती को देख उन्हें संदेह हुआ तो उन्होंने बाइक नहीं रोकी, उन्हें बाइक नहीं रोकते देख थोड़ी दूर पर खड़ी दूसरी युवती ने करीब आने पर बाइक की हैंडल पकड़ ली. उन्होंने झटका देकर छुड़ाया और वहां से भाग निकले. इसी दौरान उन्होंने देखा कि अंधेरे में छिपे हुए 4-5 युवक भी रोड पर आग गये थे और दौड़कर उनकी बाइक को पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वे बच निकले. इसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी थी. 

कोराडी रोड में भी हुई वारदात

युवक ने बताया कि इसी तरह कोराडी नाका चौक से कोराडी मंदिर तक भी देर रात वीरानी में यह गिरोह सक्रिय रहता है. इस गिरोह में 2 युवतियां हैं जो अकेले आ रहे बाइक सवार से लिफ्ट मांगती हैं. इस रोड में भी 2-3 घटनाएं हो चुकी हैं. कई बार इनर रिंग रोड में भी रात 12-1 बजे के दौरान सुनसान इलाके में 1-2 युवतियों को लिफ्ट मांगते देखा जाता है. अधिकतर लोग तो देर रात अकेली लड़की को देखकर ही किसी भी तरह के लफड़े से बचने के लिए अपनी गाड़ी नहीं रोकते. हालांकि अब तक इस तरह लूट की कोई शिकायत पुलिस तक संभवत: नहीं पहुंची है, लेकिन कामठी और कोराडी रोड पर अंधेरे में ऐसा गिरोह सक्रिय रहने की पुष्टि पीड़ित युवक ने जरूर की है. 

घोर अंधेरा का फायदा

कामठी रोड में उप्पलवाड़ी से लेकर गरुड चौक तक घुप अंधेरा पसरा रहता है. स्ट्रीट लाइट हैं लेकिन शुरू ही नहीं रहते. वाहनों की हेडलाइट ही सहारा होती है. इसी अंधेरे का लाभ उठाकर उक्त गिरोह सक्रिय है. युवतियों को अकेली देख जिसने भी अपना वाहन रोका वह लूट का शिकार हो सकता है. युवक ने बताया कि उसके साथ हुई घटना के दूसरे दिन वह मित्र के साथ जाकर पुलिस को जानकारी दी थी. पुलिस ने गश्त बढ़ाने की सूचना संबंधित थाने को देने की बात कही थी. अगर इस रोड में स्ट्रीट लाइट भी पूरी तरह शुरू कर दिये जाएं तो इस तरह का गिरोह हिम्मत नहीं कर पाएगा.