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    नागपुर. विदर्भ राज्य आंदोलन समिति ने राज्य सरकार द्वारा मनपा चुनाव बहुसदस्यीय प्रभाग पद्धति से कराने के आदेश का विरोध किया है. समिति की बैठक में मुख्य संयोजक राम नेवले ने कहा कि प्रभाग पद्धति से चुनाव करवाकर केवल बड़ी मालदार पार्टियों को भी लाभ पहुंचाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है. छोटे दल और निर्दलीय नागरिकों को चुनाव लड़ने से रोकने की यह साजिश है. क्या देश का आम आदमी चुनाव नहीं लड़ सकता.

    उन्होंने कहा कि मुंबई में ही वार्ड सिस्टम रखा गया और शेष पूरे राज्य में प्रभाग पद्धति. इसका विरोध किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी. समिति की ओर से 27 सितंबर को जिलाधिकारी को निवेदन देकर प्रभाग पद्धति को रद्द कर वार्ड पद्धति से चुनाव कराने की मांग की जाएगी. 

    एक ही राज्य में 2 चुनाव प्रक्रिया कैसे

    नेवले ने कहा कि राजधानी मुंबई में कब्जा जमाने के लिए वार्ड पद्धति और उपराजधानी में प्रभाग पद्धति से चुनाव कराना ही इस सरकार की नीयत पर सवालिया उंगली उठाता है. एक ही राज्य में 2 चुनाव प्रक्रिया कैसे हो सकती हैं. राज्य में 3 पार्टियों की सरकारे हैं. 3 सदस्यीय प्रभाग सिस्टम से चुनाव कराने का निर्णय लिया गया ताकि एक प्रभाग से तीनों पार्टी के उम्मीदवार उतारे जाएं और पैसा खर्च कर सत्ता हथियाएं.

    इस निर्णय से आम नागरिक और छोटे दल चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं कर पाएंगे. मुख्यमंत्री और चुनाव आयोग को एक वार्ड एक पार्षद चुनाव पद्धति लागू करने की मांग का पत्र भेजा जाएगा. इस दौरान वामनराव चटप, रंजना मामर्डे, श्रीनिवास खांदेवाले, मुकेश मासुरकर, प्रबीर कुमार चक्रबर्ती, विष्णु आष्टीकर, अरुण केदार, धनंजय धार्मिक, सुयोग निलदावार, सरोज काशीकर सहित बड़ी संख्या में विदर्भवादी कार्यकर्ता उपस्थित थे.