Crime
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    • 2 आरोपी गिरफ्तार
    • 951 ग्राम सोना जब्त
    • 16 वारदातों की कबूली

    नागपुर. राणाप्रतापनगर थाना क्षेत्र में लगातार सेंधमारी की वारदातों को अंजाम दे रहे एक चोर को पकड़ने में पुलिस को सफलता मिली. चोरी करते ही वह सीधे ओडिशा भाग जाता था. जेवरात बेचकर लाखों रुपये कोलकाता के डांस बार में उड़ा देता था. काफी मशक्कत करने के बाद वह पुलिस के हाथ लगा. पकड़ा गया आरोपी गंजाम, ओडिशा निवासी प्रशांतकुमार सुमंत कराड (32) बताया गया. डीआईजी नवीनचंद्र रेड्डी ने मीडिया को बताया कि प्रशांत पिछले 6 महीनों से भुवनेश्वर में किराए का मकान लेकर रह रहा था. विगत 20 मई की रात अग्ने लेआउट परिसर में रहने वाली दीपाली विजय पाटोड़े (42) अपने घर में सो रही थीं. कुत्ते के भौंकने पर उनकी नींद खुली.

    जांच करने पर अलमारी से 3.40 लाख रुपये के जेवरात गायब थे. उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी. खबर मिलते ही राणाप्रतापनगर थाने की टीम मौके पर पहुंच गई. प्रशांत परिसर की ही एक इमारत में छिपकर बैठा था. पुलिस ने पूरे परिसर में घेराबंदी की. लगातार 2 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाने के बाद प्रशांत एक इमारत से कूदकर भागता दिखाई दिया. पुलिसकर्मी ने उसे पीछा करके पकड़ने की कोशिश की तो पत्थर से हमला किया लेकिन भागने में सफल नहीं हो पाया. जांच करने पर उसके पास सारे जेवर और 1 चाकू बरामद हुआ.

    माल खरीदने वाला भी गिरफ्तार

    न्यायालय से पुलिस हिरासत लेकर प्रशांत से पूछताछ शुरू की गई. उसने राणाप्रतापनगर थाना क्षेत्र में 7, बेलतरोड़ी थाना क्षेत्र में 6 और जरीपटका थाना क्षेत्र में 3 वारदातों को अंजाम देने की कबूली दी. चोरी के माल के बारे में पूछताछ करने पर उसने अटाला, भुवनेश्वर निवासी श्रीकांत करुनाकर सेठी (32) के बारे में बताया. श्रीकांत उससे माल खरीदकर बाजार में सराफा व्यापारियों को बेचता था. तुरंत एक पुलिस दस्ता भुवनेश्वर रवाना हुआ. वहां भी पुलिस को श्रीकांत को गिरफ्तार करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. आखिर वह हाथ लग गया. अलग-अलग वारदातों में चोरी किया गया 951 ग्राम सोना पुलिस ने श्रीकांत से जब्त किया. 

    चोर ने दी इलाकों की जानकारी 

    पूछताछ में प्रशांत ने बताया कि जब वह 10वीं कक्षा में पढ़ता था ओडिशा पुलिस ने उसे एक चेन स्नैचिंग के मामले में पकड़ा था जबकि उसने चेन स्नैचिंग नहीं की थी. पकड़े जाने के बाद उसकी कई अपराधियों से पहचान हुई. उसने अलग-अलग राज्यों में 10 वारदातों को अंजाम दिया. एक बार ट्रेन से नागपुर आते समय किसी चोर ने उसे प्रतापनगर, बेलतरोड़ी और जरीपटका की जानकारी दी थी. तब से वह नागपुर में सक्रिय था. ट्रेन से नागपुर आता था और बंद मकान में सेंध लगाने के बाद सीधे ट्रेन से भुवनेश्वर लौट जाता था. डीसीपी लोहित मतानी के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर विद्या जाधव, अरविंद रघुवंशी, पीएसआई बारगल, एएसआई अनिल ब्राम्हणकर, हेड कांस्टेबल चंद्रमणी सोमकुवर, विजय तिवारी, संजय वानारे, मनोज निमजे, विशाल घुगे, सारंग भारबत, किशोर इंगले, किरण शेजवल, सचिन कनोजिया, सागर पाली, शैलेंद्र गौर, गजानन अहिरराव, राजू गणवीर, दिनेश मापारी और अंकुश कनोजिया ने कार्रवाई को अंजाम दिया.