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  • भारी बारिश से हुआ 9,453 हे. क्षेत्र प्रभावित

नागपुर. कोरोना काल के बाद जैसे-तैसे किसानों ने खरीफ की फसल ली थी. शुरुआत में मानसून के समय पर दस्तक देने और अच्छी बारिश होने से इस वर्ष किसानों को अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी. सब कुछ ठीक चल रहा था कि अगस्त और सितंबर माह में हुई बारिश से कई इलाकों में बाढ़ आ गई, तो वहीं कुछ इलाकों में अतिवृष्टि होने से किसानों के खेत में खड़ी फसल पलभर में ही तबाह हो गई. जहां किसानों की सोयाबीन, कपास, तुअर की फसल को भारी नुकसान पहुंचा. वहीं फलों के बगीचों को भी काफी नुकसान हुआ है. नागपुर जिले में इस वर्ष संतरा और मौसंबी को भी भारी नुकसान पहुंचा है.

जिले में अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण संतरे की 96.75 हेक्टेयर और मौसंबी को 20.60 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है. वहीं भारी बारिश के कारण संतरे की 7,808 और मौसंबी का 1,645 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है. इससे इस वर्ष फलोत्पादन में भारी गिरावट देखी जा रही है. इस वर्ष किसानों ने कृषि विभाग के खरीफ सीजन के नियोजन के अपेक्षा अधिक क्षेत्र में बुआई की थी. सोयाबीन का क्षेत्र भी काफी बढ़ गया था. किसानों को इस वर्ष अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी. अन्य फसलों की तरह फल उत्पादन भी अच्छा होने की उम्मीद थी. लेकिन ऐन समय पर बारिश के कहर ने किसानों की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. अन्य फसलों के साथ-साथ संतरा और मौसंबी को भी काफी नुकसान पहुंचा है. 

नरखेड़ में सर्वाधिक नुकसान

जिले में संतरा और मौसंबी उत्पादन के लिए नरखेड़ और काटोल काफी चर्चित है. यहां पर किसान दोनों फलों की खेती पर अधिक जोर देते हैं और यहां के किसानों के लिए यह एक नकदी फसल है. लेकिन इस वर्ष भारी बारिश और अतिवृष्टि के कारण इन दोनों तहसीलों में दोनों फलों को काफी नुकसान पहुंचा है. नरखेड़ में 83.10 हे., काटोल में 10.45 हे. और कलमेश्वर में 3.20 हे. संतरे की फसल को नुकसान पहुंचा है. उसी प्रकार मौसंबी की फसल को काटोल में सर्वाधिक नुकसान पहुंचा है. यहां पर 20.60 हेकटेयर में मौसंबी का फसल प्रभावित हुआ है.

233 बाधितों के लिए 21.12 लाख का मुआवजा

अतिवृष्टि के कारण जिले के 233 फल उत्पादक किसान बाधित हुए है. इन किसानों का 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है और यह किसान मुआवजे के लिए पात्र है. इन किसानों के लिए कृषि विभाग ने मुआवजे के तौर पर सरकार से 21 लाख 12 हजार 300 रु. प्रस्ताव सरकार को भेजा है. उसी प्रकार बारिश के कारण जिले में संतरे की 7,808 और मौसंबी की 1,643 हेक्टेयर फसलों को क्षति पहुंची है, जिससे 17 हजार 880 किसान बाधित हुए है. इनका भी 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है और इन किसानों के मुआवजे के लिए कृषि विभाग ने 17 करोड़ 15 लाख 4 हजार रु. का प्रस्ताव सरकार को भेजा है.

अतिवृष्टि से फसल चौपट

संतरा

नरखेड़ 83.10 हे.

काटोल 10.45 हे.

कलमेश्वर 3.20 हे.

मौसंबी 

काटोल 20.60 हे.