Mahavitaran gave 71 thousand connections in Vidarbha in lockdown

    नागपुर. शहर में महावितरण ने बिजली की बकाया रकम की वसूली के लिए अभियान छेड़ रखा है. बीते एक सप्ताह में उसने 12 लाख से अधिक की राशि जुटा ली है. लेकिन उसकी इस कार्रवाई पर आमजन ने आरोप लगाना भी शुरू कर दिया है. लोगों का कहना है कि महावितरण बड़े बकायादारों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है. सिर्फ छोटे लोगों पर उसकी दादागिरी चल रही है. कई लोगों ने बकाया राशि को किस्तों में लेने के लिए महावितरण के अधिकारियों से गुहार भी लगाई लेकिन उसका कोई असर नहीं दिखा. 

    बता दें कि  पिछले 5 महीनों में विविध कारणों से बिजली चोरी करने वाले करीब 2 हजार ग्राहकों के खिलाफ बिजली चोरी की कार्रवाई की गई है. इन ग्राहकों से 1 करोड़ से अधिक की वसूली की गई. अधिकारियों का कहना है कि इस मुहिम को और तेज किया जाएगा. जिससे ज्यादा से ज्यादा टारगेट पूरा हो सके. सूत्रों की मानें तो महावितरण ने भी नागपुर शहर मंडल, नागपुर ग्रामीण मंडल, वर्धा, यवतमाल, भंडारा, गोंदिया व चंद्रपुर के अभियंता, अधिकारीयों को वसूली के टारगेट दे रखे हैं. जिन्हें हाल में पूरा करने के सख्त निर्देश हैं. इसलिए सभी अधिकारी अपनी अपनी टीम के साथ टारगेट को पूरा करने के लिए डट गए हैं.

    बड़े बकायादारों से बचते हैं अधिकारी 

    आम ग्राहकों का कहना है कि शहर में कई लोग ऐसे हैं जिनके बिल लाखों में है. लेकिन अधिकारी उनसे सैटिंग कर बिल में राहत देने के साथ ही उन्हें बकाया जमा करने के लिए समय देते हैं. कई कृपापात्रों को तो बाकायदा किस्तों में बिल जमा करने की सुविधा भी दे रखी है. अधिकारी सुनवाई भी उन्हीं की करते हैं. इस मामले में बीते दिनों पालक मंत्री से भी अपनी शिकायत दर्ज कराई गई थी. इस मामले में पालक मंत्री अधिकारियों को क्या निर्देश देते हैं,इसी का इंतजार लोग कर रहे हैं.