File Photo
File Photo

  • चन्द्रपुर में हुई घटना से सबक लेकर वन विभाग ने लिया निर्णय

नागपुर. चंद्रपुर pxin में हुए हादसे के बाद वन विभाग अपने कर्मचारियों को लेकर बेहद सतर्क हो गया है. सूत्रों की मानें तो अब वो मोबाइल एप से बाघों की गणना कराने पर विचार कर रहा है. एम्सस्ट्राइप्स नामक यह एप वन विभाग ने कुछ समय पहले ही तैयार किया है. इससे कर्मचारी मोबाइल के माध्यम से ही इस एप में पेट्रोलिंग के दौरान जानकारी भरते हैं. वहीं इसे सीधे अधिकारी भी देख सकते हैं. बता दें कि लोकल स्तर पर जंगलों में होने वाली वन्यजीवों की गणना फेस-4 को चंद्रपुर pxin में हाल ही में हुए एक हादसे के बाद रोक दिया गया है. महिलाओं को किसी तरह से फेस-4 की गणना करना चाहिए कि नहीं,  इसके लिए नए दिशा-निर्देशों का इंतजार किया जा रहा है. 

राज्य स्तर पर शुरू की थी गणना

नागपुर में भी इस प्रक्रिया को रोका गया है. बाघों को संरक्षण के लिए एनटीसीए के माध्यम से बाघों की गणना करते हैं. इससे देश के किन हिस्सों में कितने बाघ हैं, यह पता चलता है. सभी डिवीजन में हर साल फेस-4 की गणना की जाती है जिसमें बाघों के साथ अन्य वन्यजीवों पर भी नजर रखी जाती है. गत दो महीने से फेस-4 की गणना पूरे राज्य में विभाग स्तर पर शुरू थी. फिलहाल इस बड़ी घटना के बाद विभाग अपने कर्मचारियों की जान जोखिम में नहीं डालना चाहता, इसी के लिए विचार विमर्श जारी है.

ऐसे हो रहा था सर्वे 

इस सर्वे में फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया की गाइड लाइन पर जंगलों में 5 किमी की ट्रांजिट लाइन तैयार की जाती है. इस लाइन पर 4-4 कर्मचारियों की टीम तैयार कर इस लाइन को पूरा कर आगे जाना पड़ता है.यह सर्वे सुबह किया जाता है. इसी में ताड़ोबा अंधारी व्याघ्र प्रकल्प के विभाग अंतर्गत कोलारा वनपरिक्षेत्र के कोलारा क्षेत्र में एक महिला वनरक्षक 3 महिलाओं के साथ मिलकर सर्वे करने जा रही थी, तभी एक बाघ ने इन पर हमला कर दिया, जिसमें महिला की मौत हो गई थी.