Kangana Ranaut twitter account suspended
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  • आजादी पर दिये बयान पर भड़की आम आदमी पार्टी

नागपुर. पद्मश्री अवॉर्ड से सम्मानित कंगना रनौत द्वारा देश को मिली आजादी पर दिये विवादास्पद बयान के खिलाफ शुक्रवार को आम आदमी पार्टी द्वारा सीताबर्डी स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई. विदर्भ संयोजक देवेंद्र वानखेड़े के नेतृत्व में पार्टी ने कंगना पर देशद्रोह की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की. ज्ञात हो कि कंगना ने एक न्यूज चैनल पर आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि 1947 में देश को मिली आजादी भीख थी. असली आजादी को 2014 में मिली है. इसके बाद से कंगना के बयान का विरोध किया जा रहा है और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की जा रही है.

शहीदों का अपमान

वानखेड़े ने कहा कि जिस आजाद देश में उन्हें पद्मश्री जैसे बड़े सम्मान से नवाजा जा रहा है, वह उसी देश के शहीदों को अपमान कर रही है. उनकी शहादत से ही देश को आजादी मिली जिसे वह भीख बता रही है. आजादी की लड़ाई में कई महापुरुष शामिल हुए, हजारों लोगों ने हिस्सा लिया, हजारों शहीद हुए, ऐसी आजादी को कंगना भीख बता रही है. यह बात यदि कोई सामान्य व्यक्ति कहता तो इसे अज्ञानता माना जा सकता था लेकिन जिसे मोदी सरकार ने  पद्मश्री पुरस्कार प्रदान किया, वह यह बात करें तो बेहद निंदनीय है. यह देशद्रोह वाला बयान है.

पद्मश्री वापस लिया जाये

वानखेड़े ने कहा कि कंगना को अवार्ड मिले 2 दिन भी नहीं हुए थे और उन्होंने अपनी मन की बात कह दी. इससे साफ है कि वह इतने बड़े सम्मान की हकदार नहीं है. ऐसे में उन्होंने स्वयं अवार्ड वापस कर देना चाहिए. यदि ऐसा नहीं होता है तो हमारी सरकार मांग करती है कि कंगना से पद्मश्री अवार्ड वापस ले लिया जाये. साथ ही उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर कानूनी दायरे में सख्त कार्यवाही की जाये. एक ओर, महात्मा गांधी के हत्यारों को फुल माला चढ़ाई जाती है तो दूसरी तरफ आजादी को भीख बताते हैं. ऐसे लोगों पर कानूनी कार्यवाही करते हुए सजा दिलानी चाहिए तब ही देशद्रोही बयानों पर लगाम कसी जा सकेगी. इस दौरान आम आदमी पार्टी के प्रदीप पौनीकर, हेमंत बंसोड, सचिन काम्बडी, गौतम कावरे, पंकज मेश्राम, सुरेश खर्चे, रविंद्र कुथे, अमोल मुडे, हरीश वेलेकर, अरविंद वानखेड़े, पुष्पा डाभरे, राशि बर्डे आदि की उपस्थिति रही.