crime

  • ठगी के मामले में हुई थी गिरफ्तारी

नागपुर. सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में उपचार ले रहा कैदी रविवार की सुबह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला. उसे ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था. कैदी के फरार होने की खबर से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश में जुटी है. इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए सीपी अमितेश कुमार ने सुरक्षा में तैनात किए गए 2 कर्मचारियों को निलंबित करने के आदेश दिए है. फरार हुआ कैदी मेहर रेसीडेंसी, खामला निवासी विजय शेलके (50) बताया गया.

एलोविरा की खेती करके प्रति माह 2 लाख रुपये कमाने का लालच देकर श्री गोविंदा डेवलपर्स एंड इंफ्रास्ट्रक्चर और सुपीरियर एग्रो फार्मिंग कंपनी ने निवेशकों को 1 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया था. अगस्त महीने में पुलिस ने कंपनी के संचालक विजय शेलके, निश्चय शेलके और महेंद्र तुलसीराम गवई को गिरफ्तार किया था.

पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया. 21 दिसंबर को विजय ने छाती में तकलीफ होने की शिकायत की. जेल प्रशासन ने उसे उपचार के लिए सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती करवा दिया. निगरानी के लिए 2 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था. रविवार की सुबह 5.30 बजे के दौरान शौच पर जाने के बहाने विजय अस्पताल से फरार हो गया. काफी देर तक उसकी हलचल नहीं होने पर पुलिसकर्मियों को संदेह हुआ और उसके फरार होने की जानकारी सामने आई. विजय के खिलाफ अजनी थाने में मामला दर्ज किया गया है.

विशेष वार्ड बनाने की मांग

सीपी अमितेश ने बताया कि विजय की हालत को देखते हुए कोई अनुमान नहीं लगा सकता था कि वह भाग जाएगा. फिर भी लापरवाही तो हुई है. इसीलिए सुरक्षा में तैनात 2 कर्मचारियों को निलंबित करने के आदेश दिए है. हमने मेडिकल अस्पताल प्रबंधन से मांग की है कि कैदियों के उपचार के लिए विशेष वार्ड दिया जाए. अलग-अलग वार्ड में पुलिस तैनात करना संभव नहीं है. कोरोना के चलते फिलहाल व्यवस्था नहीं हो पाई है. लेकिन जल्द ही कैदियों के लिए विशेष वार्ड होगा. विजय की तलाश जारी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा.