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    नागपुर. राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय में पीजीडीटी के प्रभारी अधिकारी की अतिरिक्त जिम्मेदारी अस्वीकार करने पर उपकुलपति की ओर से राजनीति शास्त्र विभाग प्रमुख मोहन काशीकर को नोटिस जारी किया गया. इस संदर्भ में दायर याचिका पर हाई कोर्ट की ओर से आदेश तो जारी किए गए, किंतु अब पुन: वीसी की ओर से पद का दुरुपयोग कर चार्जशीट दिए जाने को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई.

    याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश सुनील शुक्रे और न्यायाधीश अनिल किल्लोर ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के कुलपति, उप कुलपति और अन्य को नोटिस जारी कर जवाब दायर करने के आदेश दिए. याचिकाकर्ता की ओर से अधि. फिरदौस मिर्जा और विवि की ओर से अधि. एस.एस. घाटे ने पैरवी की. याचिकाकर्ता ने याचिका में वीसी द्वारा दुर्भावना से पद का दुरुपयोग कर जारी किए गए चार्जशीट को रद्द करने तथा इस कार्यप्रणाली के लिए वीसी के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश कुलपति को देने का अनुरोध किया गया. 

    HOD नियुक्त करने के दें आदेश

    याचिकाकर्ता ने याचिका में राजनीति शास्त्र के एचओडी के रूप में नियुक्ति देने के आदेश नागपुर विश्वविद्यालय और उप कुलपति को देने का अनुरोध भी किया. अधि. मिर्जा ने कहा कि 1 अक्टूबर 2007 को राजनीति शास्त्र विभाग में याचिकाकर्ता को प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया गया था. एचओडी के रूप में सफलता से कार्यकाल पूरा करने के कारण 29 जुलाई 2016 को पुन: 5 वर्ष के लिए एचओडी की जिम्मेदारी सौंपी गई.

    20 अक्टूबर 2020 और 26 अक्टूबर 2020 को मुंबई की डॉ. होमी भाभा स्टेट यूनिवर्सिटी के वीसी पद की योग्यता पूरी करने वालों की सूची में शामिल किया गया. जिसके लिए नागपुर विश्वविद्यालय की ओर से याचिकाकर्ता के कार्यकाल की सराहना कर अनापत्ति प्रमाणपत्र भी दिया गया. इसके पूर्व 9 सितंबर को पीजीटीडी के प्रभारी के रूप में नियुक्ति के आदेश दिए गए. पहले से अन्य जिम्मेदारी होने के कारण याचिकाकर्ता ने इस जिम्मेदारी को निभाने में अक्षमता दिखाई.

    इतिहास के प्रोफेसर को बनाया राजनीति शास्त्र का एचओडी

    • अधि.मिर्जा ने कहा कि इनकार करने पर याचिकाकर्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. सेवा की किस शर्तों का उल्लंघन किया गया, इसका उल्लेख नहीं होने से याचिकाकर्ता ने रजिस्ट्रार से विस्तृत आदेश मांगा. 
    • 11 जनवरी 2021 को याचिकाकर्ता ने विस्तार से जवाब पेश किया. लेकिन 5 मई 2021 को वीसी के आदेशों से उनके खिलाफ 2 पेनाल्टी लगाए जाने का पत्र रजिस्ट्रार द्वारा दिया गया. इसे चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. जिस पर हाई कोर्ट की ओर से आदेश दिए गए. 
    • 6 जुलाई को वीसी कार्यालय से पत्र दिया गया. जिसमें आदेश में सुधार किए जाने की जानकारी दी गई. लेकिन सुधारित आदेश नहीं दिया गया. इसके विपरीत 26 जुलाई को वीसी द्वारा कई बार अनुपस्थित रहने का हवाला देकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. अटेंडेंस रजिस्टर के साथ इसका जवाब दिया गया. 
    • वीसी की ज्यादती जारी रही. 31 जुलाई को इतिहास विभाग के प्रोफेसर को राजनीति शास्त्र विभाग का एचओडी बनाया. 3 अगस्त को पुन: पद का दुरुपयोग कर 4 आरोप लगाकर चार्जशीट दी गई.