Nagpur ST Bus Stand

    नागपुर. लॉकडाउन में जहां एसटी में सामान्य यात्रियों की भीड़ नहीं है, ऐसे में एसटी बस स्टैंड की मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा सकता है. कोरोना काल में मिले समय का उपयोग इन कार्यों में किया जा सकता है. महानगर का सबसे ज्यादा कमाई करने वाला एसटी बस स्टैंड को हाईटेक बनाने की जरूरत है. यहां मूलभूत सुविधाओं की कमी साफ देखी जा सकती है. कोरोना काल को छोड़ दिया जाए तो इस बस स्टैंड में रोजाना 12 से 15 लाख रुपए की आय होती है. लेकिन आय के हिसाब से बस स्टैंड में उतनी सुविधाएं नहीं है. सिटी का सबसे बड़ा बस स्टैंड होने के बाद भी सुविधाएं केवल नाम मात्र की है. लॉकडाउन में मिले समय का उपयोग इन कमियों को दूर करने में किया जा सकता है. एसटी बस स्टैंड मैनेजमेंट को यात्रियों की सुविधाओं पर ज्यादा से ज्यादा फोकस करने की जरूरत है.

    जारी होगी नई गाइडलाइन

    अभी सामान्य यात्रियों के लिए एसटी बस स्टैंड में यात्रा करने की अनुमति नहीं है. लेकिन अधिकारियों की मानें तो 31 मई को एसटी बस स्टैंड के लिए नई गाइडलाइन जारी की जा सकती है. जिसमें यात्रियों को यात्रा करने की छूट भी मिल सकेगी. इसके लिए एसटी बस स्टैंड मैनेजमेंट को अभी से इसकी तैयारी करनी होगी. एसटी बस स्टैंड काफी समय से उपेक्षाओं की मार झेल रहा है.

    पेयजल की समस्या

    एसटी बस स्टैंड पर अलग-अलग राज्यों से यात्री पहुंचते हैं लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से अब तक यहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं. किसी भी तरह की चोरी या अन्य वारदात होने की स्थिति में घटना की वास्तविकता का पता लगाना भी बड़ी चुनौती होगी. बस स्टैंड में साफ-सफाई भी नाममात्र की होती है. पानी पीने के लिए दो नल के स्टैंड बनाए गए हैं जिसमें एक स्टैंड लंबे समय से बंद पड़ा है जबकि दूसरे में गंदगी पसरी हुई है. उसमें यात्रियों को मजबूरन पानी पीना पड़ता है.

    दूकानदारों का अतिक्रमण

    एसटी बस स्टैंड के मुख्य द्वार पर ही अवैध पार्किंग के साथ ही दूकान वालों ने भी अतिक्रमण कर रखा है. ऑटो चालक कहीं भी ऑटो खड़े कर रहे हैं. इससे सड़क पर हर एक मिनट में जाम की स्थिति बन रही है. पुलिस के जवान भी इस जाम को हटाने में नाकाफी साबित हो रहे हैं. इससे आम राहगीरों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है. सड़क पर दूकान लगाकर व्यापार करने वालों के कारण इस तरह की समस्या सामने आ रही है.