रेलवे ने बदला 31 वर्ष पुराना सॉफ्टवेयर, यात्रियों को मिलेगी ज्यादा सुविधा

    नागपुर. भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम को एंडवास कर दिया है. अब हर ट्रेन की स्थिति की सही जानकारी मिलेगी. साथ ही रेलवे ने इसरो के साथ मिलकर ट्रेनों के इंजन को एडवांस करने का काम भी पूरा कर लिया है. फिलहाल जो सॉफ्टवेयर रेलवे इस्तेमाल कर रहा है वह 1990 का है. इस बीच ट्रेनों की स्पीड बढ़ी और फेरियों व संख्या में भी वृद्धि हुई है. सॉफ्टवेटर डिस्क ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है. इससे ट्रेनों के संबंधित जानकारी एक साथ जोड़ना मुश्किल था. ऐसे में नया सॉफ्टवेयर सिस्टम की जरूरत महसूस हुई थी.

    बोगियों की जानकारी एक क्लिक पर 

    •  अब यात्रियों को ट्रेन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
    • रेल कर्मचारी ट्रेनों के सभी बोगियों की जानकारी एक क्लिक पर कंप्यूटर पर देख सकेंगे.
    • सॉफ्टवेयर बता सकेगा कि ट्रेन कहां तक पहुंच गई. वह किस स्टेशन पर कितने देर तक रुकी थी.

    90% इंजनों में लगी तकनीक

    उल्लेखनीय है कि रेल मंत्रालय ने 2 वर्ष पहले ट्रेन के इंजनों में सुधार लाने के लिए इसरो के साथ रियल टाइम ट्रेन सूचना प्रणाली के तहत डिवाइस लगाने का कार्य शुरू किया था. अब तक 90 प्रतिशत इंजनों में तकनीक लगा दी गई है. सभी दिशाओं में चलने वाली ट्रेनों में रियल टाइम रिपोर्टिंग की जा रही है. जिसके चलते यात्रियों को ट्रेनों के टाइम-टेबल की सटीक जानकारी मिल रही है.