Dharmesh Dhawankar

    • लाखों की वसूली का लगा है आरोप 

    नागपुर. राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय के 7 विभाग प्रमुखों को फर्जी लैंगिक शोषण का डर बताकर उनसे लाखों रुपये की वसूली करने वाले जनसंवाद विभाग के प्रा. धर्मेश धवनकर मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश अजय चाफले द्वारा की जाएगी. हाल ही में विवि ने धवनकर को सख्ती के अवकाश पर भेज दिया गया है लेकिन जांच को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी.

    उपकुलपति ने सबसे पहले लॉ कॉलेज की प्राचार्य प्रवीणा खोब्रागडे की अध्यक्षता में समिति गठित की थी लेकिन दबाव के बाद खोबरागडे ने जांच से इनकार कर दिया. इसके बाद एड. सुमित जोशी की एक सदस्यीय समिति बनाई गई लेकिन जोशी ने भी जांच समिति का हिस्सा बनने से मना कर दिया.

    इसके बाद विवि प्रशासन ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश अजय चिंतामण चाफले की समिति गठित की है. चाफले विवि में शिकायत निवारण समिति के सदस्य भी थे. वे यवतमाल से जिला न्यायाधीश के रूप में निवृत्त हुए हैं. उल्लेखनीय है कि विधायक एड. अभिजीत वंजारी व सीनेट सदस्य बबनराव तायवाडे ने भी सेवानिवृत्त न्यायाधीश से मामले की जांच करने की मांग की थी लेकिन उस वक्त उपकुलपति ने मामले को गंभीरता से ही नहीं लिया था.