Sandeep Joshi

  • उपमहापौर भी बदला जाएगा

नागपुर. महापौर के रूप में 13 माह का कार्यकाल होने को भले ही कुछ समय बचा हो, इसके बावजूद सोमवार को महापौर संदीप जोशी द्वारा मनपा आयुक्त राधाकृष्णन. बी को इस्तीफा सौंपा गया. इसके पूर्व पत्र परिषद में महापौर ने कहा कि पार्टी द्वारा महापौर निर्धारित करते समय निर्णय लिया गया था. जिसके अनुसार 13 माह का कार्यकाल दिया गया था. लगभग समय खत्म हो गया है.

अत: अब इस्तीफा देने की वकालत उन्होंने की. साथ ही अगले 13 माह के कार्यकाल के लिए वरिष्ठ पार्षद दयाशंकर तिवारी नए महापौर होने की घोषणा भी उन्होंने की. उपमहापौर मनीषा कोठे, स्थायी समिति सभापति पींटू झलके, सत्तापक्ष नेता संदीप जाधव, विधायक प्रवीण दटके उपस्थित थे. दटके ने कहा कि महापौर के साथ ही उपमहापौर भी बदला जाएगा. हालांकि महापौर की पहले ही घोषणा हुई है. अब उपमहापौर को लेकर शीघ्र ही घोषणा की जाएगी.

कार्यकाल से संतुष्ट नहीं

उन्होंने कहा कि 22 नवंबर 2019 को महापौर का पदभार ग्रहण करने के बाद काफी कुछ करने की इच्छा थी, किंतु पूरा कार्यकाल ही कोरोना के संकटकाल में बीत गया. शहर को अतिक्रमणमुक्त करना, बगीचों का कायाकल्प करना, सुलभ शौचालयों का निर्माण करना जैसे कई प्रकल्प शहर को समर्पित करने की इच्छा थी, जो नहीं हो पाए. यहीं कारण है कि कार्यकाल से संतुष्ट नहीं हूं. उन्होंने कहा कि पदभार ग्रहण करने के बाद से अब तक जितना भी समय मिला, उसका सदुपयोग करने का प्रयास किया है. पदभार के दौरान होनेवाले सत्कार के खर्च को महापौर सहायता निधि में लाकर जरूरतमंदों के उपयोग में लाने का प्रयास किया गया. 

मुंढे पर फिर साधा निशाना

तत्कालीन आयुक्त मुंढे के साथ लंबे समय तक रही उनकी खींचतान शहरवासियों के लिए परिचित रही है. सोमवार को पद से इस्तीफे की घोषणा करते समय भी महापौर संदीप जोशी ने मुंढे पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि महापौर निधि पूरी तरह सुलभ शौचालयों पर खर्च करने की घोषणा की थी. जिसके लिए फाइलें भी तैयार की गई, किंतु तत्कालीन आयुक्त ने इसे मंजूरी ही नहीं दी. संभवत: इतिहास में यह पहला मौका था कि महापौर निधि को भी रोका गया. व्यक्तिगत रूप से कोई दुश्मनी तो नहीं थी, किंतु कार्यप्रणाली का विरोध रहा है.

उनकी कार्यप्रणाली दोषपूर्ण होने के सबूत भी नए आयुक्त राधाकृष्णन.बी आने के बाद उजागर हुए. जिसमें उनके कार्यकाल में मनपा की 20 एम्बूलेन्स थी, जो बाद में बढ़कर 65 हो गई. इसी तरह अस्पतालों की भी स्थिति रही है. उन्होंने ‘वॉक एंड टाक विद मेयर’, ‘ब्रेकफास्ट विद मेयर’, ‘हैलो महापौर एप’, ‘मम्मी पाप यू टू’, जैसे उपक्रम चलाए जाने से समस्याओं का निराकरण और जनजागृति होने का संतोष भी जताया.