Shinde government, 55.52 thousand crore, rupees, interim budget

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हाइलाइट्स 
  • विधान मंडल में अनुपूरक मांगे पेश
  • चुनाव से पहले विधायकों को भारी विकास फंड    
नवभारत न्यूज़ नेटवर्क
नागपुर:महाराष्ट्र पर फिलहाल 7 लाख करोड़ रुपए का क़र्ज़ है। वहीं महायुति सरकार ने 55,520 करोड़ रुपए की और मांग की है। राज्य विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के पहले दिन गुरुवार को वित्त मंत्री अजित पवार ने यह अनुपूरक मांग सदन में पेश की। विधानमंडल के इतिहास में ये अब तक की सबसे बड़ी अनुपूरक मांगें हैं। सरकार ने इससे पहले पिछले साल दिसंबर महीने में 52 हजार 327 करोड़ 83 लाख रुपए की अनुपूरक मांगें पेश की थीं। शिंदे सरकार की अनुपूरक मांग को लेकर विपक्ष द्वारा हंगामा किए जाने के पूरे आसार हैं।   

सत्ताधारी दलों के विधायकों को 40 करोड़
अगले साल होने वाले लोकसभा और विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सत्ताधारी पार्टी के विधायकों को 40 करोड़ रुपए के विकास  निधि देने का फैसला किया है। शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए 3000 करोड़ रुपए और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 10918 करोड़ रुपए का भारी भरकम फंड मिलेगा। वहीं लोकसभा चुनाव के लिए 67 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। अगले साल मार्च 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले राज्य का बजट पेश किया जाएगा। लेकिन यह बजट अंतरिम होगा। 
 
 
लोकसभा चुनाव के कारण सरकार को पूर्ण बजट पेश न करके अंतरिम बजट पेश करना होगा और जुलाई महीने तक के खर्च का इंतजाम करना होगा। ऐसे में सरकार ने लोगों के विकास कार्यों को गति देने के लिए अपने विधायकों को ज्यादा से ज्यादा फंड देने की  कोशिश की है, ताकि आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनाए में इसका फायदा उठाया जा सके। 

फंड का आवंटन (रुपए करोड़ में)

  • अनिवार्य व्यय- 19, 244
  • कार्यक्रम के अंतर्गत व्यय- 32, 792
  • केंद्र द्वारा सम्मानित कार्यक्रम- 3, 483
  • जल जीवन मिशन- 4,283
  • समग्र प्रोत्साहन योजना- 3,000
  • बीमा  किश्तों के लिए- 2, 768
  • राज्य राजमार्ग के  विकास- 2,450
  • श्रवण बाल राज्य पेंशन योजना- 2,300
  •  संजय गांधी निराधार योजना- 687
  • नमो शेतकरी महा सम्मान निधि योजना- 2,175
  • राज्य सड़क परिवहन निगम- 1000
  •  अन्य पिछड़ा वर्ग-1000
  • मोदी आवास घरकुल योजना- 1000
  • स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड-  986
  •  सिंचाई विकास निगमों- 600
 
अनुपूरक मांग में विभागों के लिए  प्रावधान (रुपए करोड़ों में)  

  • लोक निर्माण कार्य: 5, 492
  • कृषि एवं बागवानी: 5, 351
  • शहरी विकास: 5,015
  • उद्योग, ऊर्जा, कामगार: 4,878
  • ग्राम विकास: 4,019
  • जल आपूर्ति एवं स्वच्छता: 3,555
  • सामाजिक न्याय और विशेष सहायता: 3,495
  • स्कूली शिक्षा एवं खेल: 3,476
  • अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग: 3,377
  • चिकित्सा शिक्षा एवं दवाइयां: 3,081
  • आवास: 2,952
  • आदिवासी विकास: 2,058