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  • मनोधैर्य योजना के तहत ₹ 10 लाख देने का किया ऐलान
  • बिहार को पीछे छोड़ महाराष्ट्र बना नंबर 1 

नवभारत न्यूज नेटवर्क
नागपुर: बलात्कार से पीड़िता के मन और मस्तिष्क को गहरा आघात पहुंचता है। इसकी टीस उसे जिंदगी भर परेशान करती है, पीड़िता उस आघात से उबर कर सामान्य जीवन जी सके इसके लिए अदालतें और सरकारें अक्सर प्रयास करती हैं। अपने प्रयासों को और प्रभावी बनाने के लिए सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार ने मुआवजे की रकम में उल्लेखनीय वृद्धि का निर्णय लिया है। बलात्कार और एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं एवं बच्चों के पुनर्वसन के लिए राज्य सरकार ने मनोधैर्य योजना (Manodhairya Yojana) के तहत दी जाने वाली मुआवजे की रकम 10 लाख रुपए तक बढ़ा दी है। 

नागपुर में चल रहे विधानमंडल के शीतकालीन सत्र महिला विधेयक लाने से पहले लिए गए इस निर्णय की जानकारी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को सदन को दी। इसके साथ-साथ पेट्रोल, डीजल, घासलेट, रसोई गैस आदि रसोई गैस जैसे रसोई के काम आने वाले अन्य ज्वलनशील पदार्थों का समावेश करते मनोधैर्य योजना की व्याप्ती बढ़ाने का निर्देश सरकार ने दिया है। योजना के लिए 7 करोड़ 80 लाख रुपए की आवश्यकता होने के कारण इसका समावेश भी शीतकालीन सत्र के प्रस्ताव में किया गया है। प्रस्ताव योजना एवं वित्त, विधि एवं न्याय विभाग के पास भेजे जाने के बाद दोनों विभागों की मंजूरी भी मिल गई है और संशोधित प्रस्ताव जल्द ही शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। 

बनाया जाएगा वेब पोर्टल
विभिन्न दुर्घटनाओं में पीड़ित महिलाओं और बच्चों को अब 10 लाख तक की सहायता मिलेगी। योजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए मुख्य जिला न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली समिति में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के केंद्रीय प्रशासक को शामिल करने का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रस्ताव को महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत राज्य सरकार द्वारा मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही दुर्घटनाओं की शिकार महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए संबंधित घटनाओं के प्रबंधन के लिए सॉफ्टवेयर और वेब पोर्टल बनाया जाएगा।

बढ़ रहे महिलाओं के खिलाफ अपराध
देश में बलात्कार के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। मुंबई और महाराष्ट्र भी इसमें पीछे नहीं है. अकेले मुंबई में पिछले दस वर्षों में बलात्कार के मामलों में 130 फीसदी की वृद्धि हुई है, ऐसा खुलासा प्रजा नामक एनजीओ द्वारा पिछले महीने जारी की गई रिपोर्ट से हुआ था, तो वहीं नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022 में देशभर में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में उत्तर प्रदेश पहला तो वहीं महाराष्ट्र दूसरे क्रमांक पर है। जबकि बलात्कार के मामले में महाराष्ट्र देश में राजस्थान, मध्य प्रदेश व उत्तरप्रदेश के बाद चौथे क्रमांक पर रहा। वर्ष 2021 की तुलना में वर्ष 2022 में महाराष्ट्र में महिलाओं के खिलाफ अपराध में 15 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई। 4 दिसंबर 2023 को एनसीआरबी द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के दर्ज मामलों में मुंबई, दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर पहुंच गई है। 

मुआवजे में बिहार को पछाडा
मनोधैर्य योजना के तहत बलात्कार और एसिड अटैक पीड़िताओं के लिए मुआवजे की रकम दस लाख रुपए तक बढ़ाने के शिंदे सरकार द्वारा किए गए ऐलान के बाद महाराष्ट्र पूरे देश में पीड़िताओं मुआवजा देने के मामले में पहले क्रमांक पर पहुंच गया है। इससे पहले बिहार सरकार ने राज्य में एसिड अटैक पीड़िता को 3 लाख से 8 लाख रुपए जबकि रेप के मामलों में पीड़िता को न्यूनतम 5 से अधिकतम 10 लाख रुपए तक मुआवजा देने का निर्णय 4 साल पहले लिया था।