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    नागपुर. अपनी जान का खतरा देख एक दोस्त ने ही दूसरे दोस्त की चाकू घोंपकर हत्या कर दी. मृतक का नाम अब्दुल हमीदनगर निवासी इमरोज उर्फ इम्मू राशिद कुरैशी (20) है. मामला यशोधरानगर थाना क्षेत्र में संजय गांधीनगर परिसर का है. पुलिस ने 2 संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों  के नाम ताजनगर निवासी फरदीन उर्फ शेरखान (22) तथा उसका मित्र टेका नाका नई बस्ती निवासी फरदीन खान (21)बताये जा रहे हैं.

    इमरोज को घूमने के बहाने ले गया 

    प्राप्त जानकारी के अनुसार इमरोज और फरदीन के बीच करीब 3 वर्ष पहले से दोस्ती थी. इमरोज ताजबाग में एक गैरेज में मिस्त्री  के तौर पर काम करता था. घर में उसके माता-पिता और एक 17 वर्ष की छोटी बहन है. रविवार रात इमरोज अपने दोस्त शादाब अली के साथ घर के पास ही घूम रहा था. उसी दौरान शेरखान अपने दोस्त फरदीन खान के साथ दोपहिया गाड़ी पर इमरोज के घर के पास पहुंचा. उसे बहाने से अपने साथ घूमने चलने के लिए कहा. रात करीब 11:30 बजे के दौरान यह चारों दोपहिया गाड़ियों पर सवार होकर संजय गांधीनगर घटना स्थल पर पहुंचे तब आरोपी शेरखान, इमरोज के साथ एक ही दोपहिया गाड़ी पर बैठा था और इमरोज गाड़ी चला रहा था.

    अपनी ही हत्या के शक में मार डाला

    शेरखान आपराधिक प्रवृत्ति का है और इससे पहले उस पर हत्या, हत्या की कोशिश जैसे कई गंभीर मामले भी दर्ज हैं. शेरखान को शक था कि इमरोज उसके प्रतिद्वंद्वियों के साथ मिलकर उसकी मुखबिरी कर रहा है और उसकी हत्या की साजिश रच रहा है. इसी शक में उसने अपने साथी के साथ मिलकर इमरोज को खत्म करने की साजिश रची. तय योजना के अनुसार ही रविवार देर रात वह इमरोज को अपने साथ घुमाने लेकर गया था. हालांकि, शादाब भी तब अपनी एक्टिवा गाड़ी लेकर इमरोज के साथ निकला था. उसी दौरान आरोपी शेरखान ने इमरोज से उसके प्रतिद्वंद्वियों को उसकी मुखबिरी करने के बारे में पूछा. इस पर इमरोज ने उसे गाली दे दी. गाली सुनते ही शेरखान आग बबूला हो गया और उसने अपनी जेब से चाकू निकालकर चलती गाड़ी में ही इमरोज का गला रेत दिया. 

    चाकू से किये कई वार

    खून से लथपथ इमरोज गाड़ी सहित नीचे गिरा और वहां से भागने की कोशिश की लेकिन शेरखान और उसका दोस्त इमरोज के पीछे भागे. उसे रोककर चाकू से कई वार किये और मौत के घाट उतार दिया. हालांकि वारदात के समय इमरोज का दोस्त शादाब अली भी उसके साथ ही मौजूद था लेकिन डर के मारे खुद को बचाने के लिए दोपहिया वाहन लेकर वहां से भाग गया था. वह भागकर सीधे इमरोज के घर पहुंचा और उसके पिता को घटना के बारे में बताया.

    उसी बीच संजय गांधीनगर स्थित घटना स्थल पर आनंद बोरकर के घर के सामने खून से लथपथ इमरोज को देखकर नागरिकों ने पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी. तुरंत ही पुलिस मौके पर पहुंची और इमरोज को हॉस्पिटल ले जाया गया. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. वारदात के 4 घंटों के भीतर ही पुलिस ने मुख्य आरोपी शेरखान को रानी दुर्गावती चौक स्थित आंबेडकर गार्डन के पास से गिरफ्तार कर लिया. साथ ही अन्य आरोपी को भी पांचपावली परिसर से देर शाम को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने हत्या समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.