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    नागपुर. शहर कांग्रेस कमेटी के शिष्टमंडल ने जिलाधिकारी विमला आर. से भेंटकर शिकायत की कि राशन के अनाज में जमकर घोटाला किया जा रहा है. दूकानदारों द्वारा की जा रही इस धांधली को अन्न एव आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का पूरा संरक्षण मिल रहा है. अध्यक्ष विकास ठाकरे एवं अतुल कोटेचा के मार्गदर्शन में महासचिव रिंकू जैन एवं मेहुल अडवानी ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में यह जानकारी दी कि अनेक वर्षों से यह गड़बड़- घोटाला चल रहा है.

    विशेषकर कोरोना महामारी के काल में तो बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया. शिष्टमंडल ने बताया कि एक राशन कार्ड में लिंक के ज़रिए ६ आधार कार्ड जोड़े गए हैं तो प्रति व्यक्ति ५ किलो के हिसाब से ६ लोगों के लिए 3० किलो अनाज मिलना चाहिए परंतु १५ या २० किलो अनाज पकड़ा दिया जाता है. रसीद मांगने पर भी नहीं दी जाती.

    जांच की हो रही खानापूर्ति

    नागपुर शहर में सरकार मान्य ६3१ राशन दूकानदार हैं. इनमें से कुछ ही अपनी ड्यूटी ईमानदारी से कर रहे हैं. एक दूकानदार के पास २० लाइसेन्स हैं तथा उसके पास २०० कार्डों की जिम्मेदारी है तो एक कार्ड पर १५ किलो की कालाबाज़ारी के हिसाब से वह एक महीने में 3००० किलो का अनाज अपनी झोली में समेट लेता है. हर महीने में २ राशन दूकानदार से कार्ड मंगवाकर विभाग जांच की खानापूर्ति कर रहा है.

    भ्रष्ट अधिकारी अपने हिसाब की कमाई  कर रहे हैं और गरीबी रेखा के नीचे वाला उपभोक्ता अपने अधिकारों से वंचित है. कलेक्टर ने शीघ्र कड़ी करवाई का आश्वासन दिया. शिष्टमंडल में प्रमोद मोहड़ीकर, सुभाष वानखेड़े, दुर्गेश प्रधान, सतीश गजभिये, आशीष राखड़े, मयूर भोस्कर, आकाश धार्मिक, चंद्रकांत पराते शामिल थे.