New year

  • नाइट कर्फ्यू की परेशानी से बचने युवाओं की प्लानिंग

नागपुर. कोरोना का संकट इस बार न्यू-ईयर उत्सव पर भी पड़ा है जिससे लोगों खासकर युवाओं में कुछ निराशा है. कारण यह है कि थर्टीफर्स्ट में होटलों, फार्महाउस, सार्वजनिक स्थलों में होने वाली भीड़ से कोरोना के संक्रमण के बढ़ने के खतरे को देखते हुए सरकार ने राज्य में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है. यह कर्फ्यू 5 जनवरी तक जारी रहेगा. इस दौरान रात में 11 बजे के बाद लोगों को 4 से अधिक की संख्या में निकलना प्रतिबंधित कर दिया गया है.

न्यू-ईयर की पार्टी में होटलों-रेस्टोरेंट के साथ ही लेक परिसरों में भी युवाओं की भीड़ होती थी. रात 12 बजे पर घड़ी का जब तीनों कांटा पहुंचता तब आतिशबाजी व रोशनाई के साथ उत्सव मनाया जाता है. अब जब 11 बजे के बाद कर्फ्यू है तो लोगों ने अपने घरों की छतों व टैरेस में ही न्यू-ईयर का जश्न बनाने की प्लानिंग शुरू कर दी है. मतलब यह कि सिटी में अमूमन घरों की छतों पर ही इस वर्ष न्यू-ईयर का स्वागत किया जाएगा.

फुटाला व नार्थ अंबाझरी रोड में उमड़ता था हुजूम

हर वर्ष 31 दिसंबर की रात सिटी के फुटाला लेक परिसर में और शंकरनगर चौक से नार्थ अंबाझरी रोड पर युवाओं का हुजूम उमड़ता था. युवाओं के साथ ही कई परिवारजन भी न्यू-ईयर के स्वागत के जश्न में शामिल होने घरों के बाहर निकलते थे. शंकरनगर चौराहे पर आतिशबाजी देखने लायक होती थी. पुलिस का भी तगड़ा बंदोबस्त हुआ करता था. सिटी के सभी होटलों, सिटी के बाहर ढाबों पर न्यू-ईयर पार्टी की विशेष व्यवस्था डीजे आदि के साथ हुआ करती थी, लेकिन इस बार यह सब किया भी गया तो आयोजनों को रात 11 के पहले ही निपटाना पड़ेगा. ऐसा करने की बजाय अब युवा वर्ग अपने दोस्तों के साथ किसी एक के घर की छत पर ही पार्टी मनाने की प्लानिंग कर रहे हैं. 

निकल गए पर्यटन स्थल की ओर

अनेक परिवार राज्य में नाइट कर्फ्यू के चलते दूसरे राज्यों में न्यू-ईयर का जश्न मनाने की प्लानिंग भी कर बैठे हैं. कई युवा तो दोस्तों के साथ गोवा, साउथ के राज्यों में पर्यटन स्थल रवाना भी हो चुके हैं. गोवा में इस बार विदेशी पर्यटकों पर कोरोना के चलते बेन है. इसलिए युवाओं की पहली पसंद गोवा है. यहां से सीधी फ्लाइट शुरू होने के चलते अनेक रवाना भी हो चुके हैं. कई परिवार साउथ की ओर रवाना हो चुके हैं और कई होने वाले हैं. दिल्ली होकर उत्तरांचल आदि की ओर पर्यटन स्थलों में लोग जाने से कतरा रहे हैं क्योंकि दिल्ली में कोरोना टेस्ट में यदि रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो 14 दिन को क्वारंटाइन किया जा रहा है. दिल्ली में प्रदूषण के साथ ही किसान आंदोलन से सड़क बंद की परेशानी भी चल रही है.