Tiger killed a person in Gadchiroli

    पारशिवनी (सं). ढवलापुर के सावंगी परिसर में बाघ ने विविध स्थानों पर 5 बैलों पर हमला कर उन्हें मार डाला. फिलहाल परिसर में भय का माहौल है़  इस बाघ का तुरंत बंदोबस्त करने की मांग स्थानीय नागरिकों ने की है़  पालक मंत्री नितिन राऊत ने भी बंदोबस्त के दिए निर्देश दिए हैं.

    रविवार से ही क्षेत्र में बाघ ने दहशत मचा रखी है. बाघ के शिकार बने 5 बैलों में सावंगी के राजेंद्र लक्ष्मीचंद उईके के 2, परमेश्वर दयाराम उईके का 1, मयाराम आसाराम सरयाम का 1 और सुधाकर सुखदेव उईके के 1 बैल का समावेश है़ ठीक खेती कार्य के समय बैलों के मारे जाने से ये किसान संकट में आ गए है़ं  वन विभाग से जल्द नुकसान भरपाई देने की मांग पीड़ित किसानों ने की है. गत एक माह से इस बाघ की इस परिसर में दहशत है़  इस घटना से ग्रामवासियों तथा किसानों में भारी रोष है. इसके चलते वन्य प्राणी और मानव संघर्ष टालने के लिए प्रशासन से तत्काल उपाय योजना करने की मांग सामाजिक कार्यकर्ता उदयसिंह उर्फ गज्जू यादव ने की है. 

    इस घटना की जानकारी यादव ने पालक मंत्री नितिन राऊत को दी. राऊत ने तुरंत एसटीपीएफ के गार्ड लगाकर कैमरा द्वारा बाघ की ट्रैकिंग करने और गांव से सटे परिसर से उसे खदेड़ने के लिए आवश्यक उपाय योजना करने के निर्देश दिए. इस मौके पर वन परिक्षेत्र अधिकारी जोशी, क्षेत्र सहायक लिल्हारे, वन रक्षक रंगारी, ढवलापुर की सरपंच प्रीति उइके, सरपंच राजू ठाकुर, रामचरण करनाके, कोलितमारा के पूर्व उप सरपंच विट्ठल पाटिल, ढोलबाजी इनवाते, रसिका राऊत, देवमन इनवाते, दयाराम सरयाम, नीलेश उइके, शिवलाल नैताम, मिथुन उइके, गणेश इडपाची, रवीन्द्र उईके तथा पुलिस पाटिल संदीप करनाके व सुरेश राऊत सहित ग्रामवासी मौजूद थे.

    पेंच में बढ़ी बाघों की संख्या ढवलापुर, नरहर, बनेरा, कोलितमारा गांव पेंच व्याघ्र प्रकल्प से सटे होने से हमेशा ही इस परिसर में बाघों का विचरण होता है. अभी तक अनगिनत जानवरों का शिकार बाघों ने किया है जिससे किसानों का काफी नुकसान भी हुआ है़  कई बार परिसर के इंसानों पर हमला करने की घटनाएं हुई है़ं पेंच में बाघों की संख्या बढ़ने से अब यह गांवों की ओर रुख कर रहे है़.