विप चुनाव: जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के साथ बैठक में कहा, आचार संहिता का सख्ती से पालन हो

    • उद्‍्घाटन, भूमि पूजन, आयोजनों पर प्रतिबंध
    •  सोशल मीडिया पर भी रखें नजर

    नागपुर. 1 जनवरी 2022 को महाराष्ट्र विधान परिषद की 7 सीटें रिक्त हो जाएंगी. इसमें नागपुर में स्थानीय स्वशासन निकाय की एक सीट शामिल हैं. कलेक्टर विमला आर. ने बुधवार को राजनीतिक दलों की बैठक बुलाकर आचार संहिता का पालन सख्ती से करने को कहा. उन्होंने कहा कि चुनाव में जिले में सत्ता और सरकारी तंत्र का दुरुपयोग नहीं होगा. साथ ही किसी भी मंत्री स्तरीय बैठक में सरकारी अधिकारी शामिल नहीं होंगे और किसी भी मंत्री को जिले में बैठक करने की अनुमति नहीं होगी.

    कोई नया काम नहीं हो सकेगा

    जिलाधिकारी ने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारी की अनुमति के बिना स्थानीय निकायों की अत्यावश्यक बैठकें भी नहीं की जा सकतीं. इस दौरान किसी भी तरह की राजनीतिक घोषणा, सरकारी कार्यक्रमों की घोषणा नहीं की जा सकेगी. सांसद, विधायक निधि से कोई नया काम नहीं हो सकेगा. इस संबंध में होने वाले खर्च पर जिला माध्यम प्रमाणन एवं निगरानी समिति का नियंत्रण होगा. सोशल मीडिया पर अनधिकृत प्रचार, बल्क एसएमएस जैसी सेवाओं की अनुमति नहीं होगी.

    मतदाताओं को प्रलोभन देने से बचें

    जिन जिलों में विधान परिषद चुनाव की घोषणा की गई है, उनमें मुंबई, कोल्हापुर, धुले, नंदुरबार, अकोला, बुलढाणा, वाशिम, नागपुर, सोलापुर और अहमदनगर शामिल हैं. चुनाव की घोषणा के तुरंत बाद जिले में आचार संहिता लागू हो गई. इसलिए, उन्होंने बैठक में अपील की कि मतदाताओं को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रलोभन से बचें. अन्य चुनावों की तरह इस चुनाव में भी आचार संहिता होगी.

    उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कहीं भी आचार संहिता का उल्लंघन न हो. बैठक में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बंडोपंत टेंभुर्णे, प्राध्यापक दिनेश बानाबाकोडे, भाजपा के रमेश दलाल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अमित श्रीवास्तव, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रकाश बारोकार, अनंत विजय पात्रीकर, बसपा के विजयकुमार डहाट, संदीप मेश्राम के अलावा उप जिलाधिकारी विजया बनकर, उप जिला चुनाव अधिकारी मीनल बनकर आदि उपस्थिति रहे.