The accused arrested in the Elgar Parishad-Maoist link case started hunger strike in jail
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  • एसीबी ने जाल बिछाकर पकड़ा
  • सबसे अधिक 32 ट्रैप अहमदनगर जिले में हुआ सफल
  • नाशिक में 27 ट्रैप में पकड़े गए आरोपी

नाशिक. सरकारी कार्यालयों (Government Offices) में लोगों के विभिन्न कामों में अड़चन पैदा कर लोकसेवकों के खुलेआम रिश्वत (Bribe) मांगने का प्रमाण अब तक कम नहीं हो सका है। उत्तर महाराष्ट्र (North Maharashtra) में इस साल कुल 133 रिश्वतखोर लोकसेवकों को नाशिक विभाग (Nashik Department) के एन्टी करप्शन विभाग (Anti Corruption Department) ने जाल बिछाकर पकड़ा है। सबसे अधिक 32 ट्रैप अहमदनगर (Ahmednagar) जिले में और उसके बाद नाशिक में 27 ट्रैप नाशिक विभाग ने सफलतापूर्वक लगाकर रिश्वतखोरों को पकड़ा है।

इस साल मार्च से कोरोना का प्रादुर्भाव शुरू होने से सरकारी कामकाज भी प्रभावित हुए हैं। सरकारी कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारियों की संख्या भी छिन्न-भिन्न हो गई थी। फिर भी इस वर्ष नाशिक, अहमदनगर, नंदुरबार (Nandurbar), जलगांव (Jalgaon)और धुलिया (Dhulia) के एन्टी करप्शन विभाग के नाशिक परिक्षेत्र में कुल 100 लोकसेवक रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़े गए। 

सबसे ज्यादा पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल

इनमें सबसे अधिक पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों शामिल हैं। नाशिक में साल भर में 9 रिश्वतखोर पुलिसकर्मियों के साथ राजस्व विभाग के 7 कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। अहमदनगर में भी 8 पुलिस और 9 राजस्व विभाग के कर्मचारी रिश्वत की राशि लेते हुए ट्रैप में फंस गए। नाशिक क्षेत्र में कुल 26 रिश्वतखोर राजस्व कर्मचारी और 24 पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की जानकारी एसीबी के पुलिस अधीक्षक सुनील कडासने ने एक पत्रकार परिषद में दी।

सबसे अधिक मामले लॉकडाउन खुलने के बाद ही रिकॉर्ड किए गए

नाशिक विभाग में साल के शुरुवात में 100 ट्रैप सफल हुए। वहीं, अपसंपदा मामले में 4 गुनाह दाखिल करने में विभाग को सफलता मिली है। इस विभाग में कुल 104 गुनाह इस साल दर्ज किए गए। लॉकडाउन खुलने पर सरकारी कार्यालयों में कामकाज की गति धीमी रही, जिससे कर्मचारी भ्रष्टाचार की ओर ध्यान देने लगे। सबसे अधिक मामले लॉकडाउन खुलने के बाद ही रिकॉर्ड किए गए, ऐसी जानकारी सूत्रों ने दी है। नाशिक विभाग में दर्ज किए गए 104 मामलों में से 48 गुनाहों की जांच प्रलंबित है। वहीं, 12 में अपराध विभाग ने न्यायालय में आरोप-पत्र दाखिल कर दिए हैं।

इस साल कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन का परिणाम भ्रष्टाचार की शिकायतों पर दिखाई देता है। इस बीच, 100 ट्रैप सफल हुए। इस साल नाशिक यूनिट ने कृषि विभाग वर्ग, प्रदूषण मंडल वर्ग 1 और 2, गृह विभाग से संबंधित वर्ग 1 के अधिकारियों को रिश्वत की रकम लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। कोरोना के चलते विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। परिक्षेत्र के 16 अधिकारी भी कोरोना के शिकार हुए थे। राज्य में नाशिक भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई में दूसरा नंबर पर रहा।

-सुनील कडासने, पुलिस अधीक्षक, एसीबी, नाशिक