Highly professional allegation of alleged religious conversion

    नाशिक. हाल ही में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने धर्मांतरण और इसके लिए करोड़ों रुपए अवैध रूप से प्रसारित करने के आरोप में नाशिक से कुणाल नाम के एक डॉक्टर को गिरफतार किया था, जिसका दूसरा नाम आतिफ बताया गया है। उससे फिलहाल उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में पूछताछ की जा रही है। कुणाल की गिरफ्तारी नाशिक के उस क्षेत्र से हुई है जहां तोपखाना, नोट प्रेस और अन्य संवेदनशील क्षेत्र हैं। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) ने नाशिक पुलिस के खुफिया दस्ते पर सवाल उठाया है।

    पुलिस का कहना है कि ये सब बातें बेकार हैं। वहीं कुणाल नाशिक में प्रैक्टिस करता था। जबकि वह डॉक्टर नहीं था तब कथित तौर पर अभ्यास करने के लिए शहर की पुलिस द्वारा उस पर मुकदमा चलाया जा सकता था। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन में शिकायत दर्ज कराई जानी चाहिए थी। शहर पुलिस के लिए केवल धर्मांतरण का ही मुद्दा महत्त्वपूर्ण है एैसा पुलिस का कहना है। उत्तर प्रदेश एटीएस ने कुणाल चौधरी ऊर्फ आतिफ के विरुद्ध अवैध रुप से डॉक्टर के तौर पर काम करने की शिकायत की है जिसपर नाशिक पुलिस कार्यवाही कर सकती है। उत्तर प्रदेश के विपरीत, महाराष्ट्र में धर्मांतरण पर प्रतिबंध नहीं है, इसलिए उत्तर प्रदेश में इसके खिलाफ कार्यवाही की कोई संभावना नहीं है।

    कुणाल के खिलाफ कोई गंभीर अपराध नहीं हैं 

    महाराष्ट्र में धर्म परिवर्तन कोई अपराध नहीं है। उसके खिलाफ पहले कोई गंभीर मामला दर्ज नहीं किया गया है। किसी भी व्यक्ति की जानकारी एकत्र करना उसका रिकॉर्ड रखने के समान नहीं है। इसके लिए कानूनी आधार की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश सहित कुछ राज्यों में धर्मांतरण को लेकर कानून हैं। उन्होंने उस कानून के अनुसार काम किया। एटीएस ने नाशिक पुलिस से संपर्क नहीं किया है। इसलिए पुलिस ने कहा कि नाशिक में धर्मांतरण कानून के तहत संदिग्ध के खिलाफ कार्यवाही का सवाल ही नहीं उठता।