All dams in Nashik are full, heavy loss of vegetables

    नाशिक. नाशिक जिले (Nashik District) में पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश (Heavy Rains) के कारण सात बांधों (Dams) से पानी का विसर्ग शुरू हो गया है। जिले में कुल जल संग्रहण (Water Storage) 68 प्रतिशत है, जबकि गंगापुर में यह 85 प्रतिशत है। पूरे राज्य में तेज बारिश हो रही है। इन दो दिनों को छोड़कर इस साल की बारिश ने नाशिक जिले से मुंह मोड़ लिया था।

    पिछले दो दिनों में हुई भारी बारिश ने पानी की कमी को पूरा कर दिया है। वर्तमान में जिले में 24 परियोजनाओं में 68 प्रतिशत और गंगापुर समूह में 85 प्रतिशत जल भंडारित हुआ है। नाशिक जिले में पिछले दो दिनों में 628 मिमी बारिश हुई है। नांदगांव और मनमाड तहसीलों में औसत से अधिक बारिश हुई है। अकेले नांदगांव तहसील में सबसे अधिक 123 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिस के हिसाब से अब तक 76.67 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

    चाणकापुर बांध 95 फीसदी भरा

    पिछले दो दिनों से जारी भारी बारिश के कारण चाणकपुर बांध 95 प्रतिशत तक भर गया है। पुनद बांध 92 फीसदी भरा हुआ है। इस समय चणकापुर से 800 क्यूसेक और पुनद से 1300 क्यूसेक पानी नदी के लिए छोड़ा गया है। इसके चलते इस साल पहली बार गिरणा और पुनद नदियों में बाढ़ आई है।

    कडवा बांध ओवरफ्लो 

    इगतपुरी तहसील के पिंपलगांव डुकरा में कडवा बांध मंगलवार दोपहर को ओवरफ्लो हो गया। इससे सिन्नर के नागरिकों की पानी की चिंता दूर हो गई है। इसी बांध से सिन्नर के लिए जलापूर्ति योजना है। कड़वा नदी में मंगलवार दोपहर को 150 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना शुरू हुआ। कडवा बांध पर 1924 दलाघफू की क्षमता वाली 88 किमी लंबी नहर है।

    ठेंगोडा में भारी बारिश 

    ठेंगोडा क्षेत्र में दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। इससे क्षेत्र में कृषि को काफी नुकसान हुआ है। नदी नालों, कुओं में पानी भर गया है। ठेंगोडा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पानी भर गया है। इसलिए कर्मचारियों को रात में जागना पड़ा। बारिश से सिताफल, पत्ता गोभी, बगीचों और सब्जियों को नुकसान होगा। सरकार को तुरंत पंचनामा करना चाहिए। मांग की जा रही है कि किसानों को मुआवजा दिया जाए।

    सुबह से रिमजिम 

    नाशिक में सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है। सुबह करीब सात बजे बारिश नहीं हुई। लेकिन रात 8.30 बजे के बाद तेज बारिश शुरु हो गई। हर तरफ खुशनुमा माहौल हो गया है। यहां दोपहर तक सूरज नहीं निकला था।