Nashik Property Tax

    नाशिक: आगामी नाशिक महानगरपालिका चुनाव (Nashik Municipal Elections) के लिए प्रशासकीय तैयारी शुरू हो गई है। ऐसे में नाशिक महानगरपालिका (Nashik Municipal Corporation) की महासभा महापौर सतीश कुलकर्णी (Mayor Satish Kulkarni) की अध्यक्षता में हुई, जिसमें शिवसेना (Shiv Sena) ने आगामी चुनाव से संबंधित मुद्दों को उठाते हुए सत्ताधारी भाजपा (BJP) की समस्या बढ़ाने का प्रयास शुरू कर दिया है। भाजपा ने अपने सत्ताकाल में संपत्ति टैक्स (Property Tax) में पिछले 24 सालों में जितनी बढ़ोतरी नहीं हुई उतनी 2018 में की। निवासी सम्पत्ति टैक्स में 67% तो अनिवासी सम्पत्ति टैक्स में 82% बढ़ोतरी करने की बात सामने आई। इसके बाद अनियमित निर्माण कार्य नियमित करने के लिए शास्ती रकम निश्चित करने का प्रस्ताव लंबित रखने का निर्णय महापौर ने लिया। 

    अवैध निर्माण कार्य नियमित करने के लिए राज्य सरकार ने 600 चौरस फुट तक निवासी निर्माण कार्य को दंड में छूट देते समय 601 से 1000 चौरस फुट तक निवासी निर्माण कार्य को प्रति वर्ष सम्पत्ति टैक्स के 50% द से शास्ती, 1001 चौरस फुट से अधिक निवासी निर्माण कार्य के लिए सम्पत्ति टैक्स का दोगुने दर से शास्ती निश्चित करने का निर्णय लिया है। यह प्रस्ताव महासभा की अनुमति के लिए प्रशासन ने पेश किया। भाजपा, शिवसेना, कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार के दंड माफी के निर्णय का समर्थन किया, लेकिन शिवसेना के नगरसेवकों ने प्रशासन ने इसके पहले हुई टैक्स बढ़ोतरी का मुद्दा उठाया।

    बडगुजर-बोरस्त के दबाव से भाजपा बैक फुट पर

    शिवसेना के सुधाकर बडगुजर ने सम्पत्ति टैक्स बढ़ाने की जानकारी देते हुए कहा कि 2018 से पहले गांवठाण के लिए 3.30 रुपए और गांवठाण के बाहर 5.5 रुपए चौरस मीटर तक दर था, जो टैक्स योग्य मूल्य दर 11 रुपए तक पहुंचा। अनिवासी दर 19.20 रुपए चौरस मीटर से 79.20 रुपए चौरस मीटर किया गया है। निवासी 67% तो अनिवासी 82% संपत्ति टैक्स बढ़ाने से नाशिकवासियों की कमर टूट गई है, जो 24 साल में सबसे अधिक बढ़ोतरी है। विपक्ष नेता अजय बोरस्ते ने कहा कि प्रशासन ने शास्ती कम करने का छुपा प्रस्ताव पेश किया। 2018 में प्रशासन ने टैक्स बढ़ोतरी किस के आधार पर की? ऐसा सवाल पूछा। इस पर प्रशासन अधिकारियों ने कहा कि उस समय महासभा को टैक्स दर निश्चित करने का अधिकार था, लेकिन मूल्यांकन दर निश्चित करने का अधिकार आयुक्त को था इसलिए पूर्व आयुक्त तुकाराम मुंढे ने टैक्स बढ़ोतरी की। 

    अब नए दर से नियमितीकरण करना होगा: शाहू खैरे

    कांग्रेस के शाहू खैरे ने कहा कि गांवठाण में निर्माण कार्य को अनुमति न होने के बाद भी कई नागरिकों ने मकानों का निर्माण किया। अब नए दर से नियमितीकरण करना होगा। कार्रवाई का सामना करने की स्थिति गांवठाण के नागरिकों की नहीं है। इस दौरान छुपी सम्पत्ति टैक्स बढ़ाने के मामले में फंसने की संभावना को ध्यान में रखते हुए महापौर सतीश ने यह प्रस्ताव लंबित रखा।

    …तो 100 करोड़ की आय

    महासभा पर रखा दंड माफी प्रस्ताव को अनुमति देने की अपील नाशिक महानगरपालिका कमिश्नर कैलाश जाधव ने की। निर्माण की अनुमति मिले 4 से 5 हजार इमारतों को सम्पत्ति टैक्स लागू करने से 24 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने का दावा करते हुए 100 करोड़ रुपए का राजस्व अपेक्षित होने की बात की। निर्माण पूर्णत्व का प्रमाणपत्र न होने वाले इमारतों को खोजने के लिए महावितरण की मदद ली जाएगी। बिजली मीटर मिलने के बाद प्रोविजिनल सम्पत्ति टैक्स लागू किया जाएगा। अनाधिकृत इमारतों को खोजकर सम्पत्ति टैक्स लागू करने के लिए नाशिक महानगरपालिका एप तैयार करने वाली है।