ST BUS
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    नाशिक : जिले (District) में गुरुवार (Thursday) को एसटी (ST) की 164 बसों ने 550 फेरियां लगाई। एक तरफ एसटी कर्मचारियों (ST Employees) की हड़ताल (Strike) जारी है वहीं दूसरी तरफ उपलब्ध कर्मचारियों के दम पर एसटी प्रशासन (ST Administration) की तरफ से यात्रियों (Passengers) की तकलीफों को दूर करने का प्रयास जारी है। इस बीच जिले के 22 हड़ताली कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देने की कार्रवाई की गई है। इस तरह से अब तक 260 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है। 54 कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट (Chargesheet) फाइल की गई है।

    सरकारी सेवा में विलय की मांग को लेकर पिछले तीन महीने से एसटी कर्मचारी हड़ताल कर रहे है। वेतन बढ़ोतरी के बाद कई हड़ताली कर्मचारी वापस काम पर आ गए है। अभी भी जो कर्मचारी हड़ताल पर बैठे है उसके खिलाफ प्रशासन की तरफ से नौकरी से निकाले जाने की कार्रवाई की जा रही है। हड़ताल के कारण आम यात्रियों को तकलीफ न हो इसलिए कॉन्ट्रैक्ट, रिटायर कर्मचारियों, तकनीकी और सर्विस में शामिल कर्मचारियों के जरिये यात्रा सुविधा दी जा रही है। लेकिन अभी तक कई डिपो पूरी क्षमता से शुरू नहीं हो पाई है। वहां से पर्याप्त इनकम नहीं हो रहा है। अब प्रशासन बस की फेरियां बढ़ाने का प्रयास कर रही है।

    हड़ताली कर्मचारियों का भीक मांगो आंदोलन

    हड़ताल का हल नहीं निकलने पर कर्मचारियों ने अपनी मांग की तरफ सरकार का ध्यान दिलाने के लिए कर्मचारियों की तरफ से गणतंत्र दिवस पर भीख मांगो आंदोलन किया गया। इस दौरान हड़ताली कर्मचारियों ने राजनीतिक दलों से सरकारी सेवा में विलय करे इसके लिए सरकार के पास प्रयास करते हुए मांग का समर्थन करने की प्रार्थना की है।

    सरकार और कर्मचारी दोनों अड़े

    एक तरफ सरकार एसटी के विलय को लेकर साफ कर चुकी है वह ऐसा नहीं कर सकती है। वहीं दूसरी तरफ अभी भी हड़ताल पर बैठे एसटी कर्मचारी कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। इस बीच सरकार ने कॉन्ट्रैक्ट पर लोगों को रखकर एसटी के हड़ताली कर्मचारियों को यह संदेश दिया है कि वे हड़ताल के सामने झुकने वाली नहीं है।