Nashik Municipal Corporation

    नाशिक: नाशिक (Nashik) के लिए मानसून (Monsoon) हमेशा खतरनाक ही साबित होता रहा है। नाशिक शहर (Nashik City) में मानसून में आने वाली बाढ़ समेत अन्य प्राकृतिक आपदाओं के साथ-साथ मानव निर्मित खतरे की आशंका हमेशा बनी रहती है। नाशिक महानगरपालिका प्रशासन भविष्य की भयावह घटनाओं से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन प्रणाली (Disaster Management System) को मजबूत करने के लिए अभी से सक्रिय हो गया है। नाशिक महानगरपालिका में आने वाले सभी क्षेत्रों को और अधिक सुरक्षित बनाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

    नगर अभियंता वंजारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी बैरागी, कार्यकारी अभियंता (ड्रेनेज) मदद, कार्यकारी अभियंता (जलापूर्ति) धारणकर, परियोजना समन्वयक (डीआरएम) मुदस्सीर सहित नाशिक महानगरपालिका की विशेषज्ञों की एक टीम ने मुंबई महानगरपालिका के आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष का दौरा किया। वहां इसकी कार्यप्रणाली को समझा और नाशिक शहर में इस आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष को कैसे स्थापित किया जाए, इसके बारे में जानकारी ली।

    राज्य सरकार से मिलने वाले बजट पर हुई चर्चा

    संजय धारूरकर, निदेशक, आपदा प्रबंधन और महेश नार्वेकर, मुख्य अधिकारी, आपदा प्रबंधन इकाई, मुंबई महानगरपालिका ने टीम को 1999 से अपने अत्याधुनिक नियंत्रण कक्ष के समग्र विकास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। सभी प्राकृतिक और मानव निर्मित खतरों के लिए बहुस्तरीय संचार नेटवर्क के विस्तार को बताया। कम लागत पर स्वदेशी रूप से विकसित सॉफ्टवेयर कैप में टीम ने इसकी प्रतिकृति (यद्यपि सूक्ष्म स्तर पर) और राज्य सरकार से संभावित बजट के बारे में विस्तार से चर्चा की।

    खतरों से निपटने में सक्षम होगी महानगरपालिका

    टीम ने मुंबई शहर आपदा प्रबंधन संस्थान का भी दौरा किया, जो स्थानीय स्तर पर विभिन्न हितधारकों के लिए आपदा जोखिम प्रबंधन और क्षमता निर्माण आवश्यकताओं की एक विस्तृत श्रृंखला को पूरा कर रहा है। आपदा प्रबंधन केंद्र को आग, तूफान, बाढ़, भूकंप, सुनामी आदि जैसे विभिन्न खतरों का मुकाबला करने की दृष्टि से बनाया गया है। नाशिक शहर के लिए विभिन्न स्तरों के हितधारकों के लिए आपदा जोखिम प्रबंधन प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रमों की आवश्यकता के बारे में भी मुंबई महानगरपालिका की टीम की ओर से नाशिक महानगरपालिका के अधिकारियों की टीम ने जानकारी प्राप्त की।