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    नाशिक. जिले में लागातार दो दिन से हो रही बारिश (Continuous Rain) ने किसानों (Farmers) के अरमानों पर पानी फेर दिया है। हरियाणा (Haryana), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) सहित देश के दूसरे राज्यों में हो रही बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलें गिर  गई हैं।

    धान कटाई की तैयारी कर रहे किसानों को धक्का लगा है, खेत तालाब बन गए हैं।  रविवार के बाद नाशिक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सोमवार दोपहर को हुई भारी बारिश ने सब्जी की फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है। कई जगह तो खेतों में धान कटी हुई रखी थी जो अब पानी में डूब गई है।

    जिले का हर किसान परेशान 

    रविवार और सोमवार को हुई बारिश ने नाशिक जिले की विभिन्न तहसीलों के साथ उत्तर महाराष्ट्र के कई जिलों की फसलों को बर्बादी के कगार पर पहुंचा दिया है। मौसम को देखकर जिले का हर किसान परेशान हैं। किसानों का मानना है कि जिले के हर क्षेत्र में नुकसान देने वाली बारिश हुई है, लेकिन 15 से 20 फसल खराब हो गई है। अगर मौसम एक दो दिन में साफ नहीं हुआ तो और ज्यादा नुकसान होगा। 

    कई दिन इंतजार करना पड़ेगा

    कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बारिश से प्याज और अंगूर की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। लौकी, तरोई, कद्दू आदि की बेले भी हवा में टूट गई हैं। बैंगन, मेथी, पालक, मिर्ची और  मूली आदि को लेकर किसान परेशान हैं। दलहनी फसलों में अरहर, मूंग और  उड़द को नुकसान हुआ है। सोयाबीन की बुवाई जिन किसानों ने की है, उस पर भी प्रभाव पड़े है, लेकिन जिन्होंने जल्द ही बुवाई की है उनकी फसल चौपट हो गई है। जहां फसल गिर गई है, उसे ज्यादा नुकसान पहुंचेगा। गन्ना और कपास की फसल की बुवाई करने वाले किसानों को काफी नुकसान पहुंचा है। जो बोया गया वह मिट्टी में मिल चुका है और जिन्हें बुवाई करनी है, उन्हें कई दिन इंतजार करना पड़ेगा।