Election of 14 market committees before the Municipal Corporation, heated up in the district politic

    नाशिक : आखिरकार नाशिक महानगरपालिका  चुनाव (Nashik Municipal Elections) से पहले ही जिले में सियासी माहौल गर्मा गया है और 14 मार्केट कमेटियों के लिए चुनावी बिगुल फूंक दिया गया है।  इन मंडी समितियों की मतदाता सूची का मसौदा भी प्रकाशित कर दिया गया है। सहकारिता विभाग (Cooperation Department) ने नाशिक जिले में 14 उन मंडी समितियों (Market Committees) के चुनाव की घोषणा की है जिनकी मुद्दत 23 अक्टूबर तक समाप्त हो गई है। 

    महानगरपालिका  चुनाव से पहले ही जिले में सियासी माहौल गर्म हो गया है। दरअसल, कोरोना की भीषण लहर की पृष्ठभूमि में नाशिक मार्केट कमेटी को पहले दो बार मुद्दत बढ़ा दी गई थी। यह विस्तार भी हर छह महीने के लिए था। लेकिन जिले में अभी भी कई जगहों पर कोरोना के मरीज मिले हैं। इसलिए मंडी समिति के संचालकों ने कार्यकाल को बढ़ाने की मांग की। इसके बाद सहकारिता और विपणन विभाग ने एक सर्कुलर जारी कर जानकारी दी कि कृषि उपज मंडी समितियों का कार्यकाल जो समाप्त हो चुका था, उसे 23 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है। लेकिन, कोरोना की एक और लहर के आने की संभावना भी अब नहीं रही है।  इसके चलते चुनाव की घोषणा कर दी गई है। नाशिक, पिंपलगांव, लासलगांव, नांदगांव, मनमाड, येवला, चांदवड़, देवला, घोटी, कलवण, दिंडोरी, सिन्नर, मालेगांव, सुरगाणा बाजार समितियों का चुनाव किया जा रहा है। 10 नवंबर को मतदाता सूची जारी की गई थी। 

    आपत्ति दर्ज कराने की अंतिम तिथि 22 नवंबर 

    ग्राम पंचायत, पंचायत समिति, सोसायटी, तहसील उप पंजीयक कार्यालय में ड्राफ्ट मतदाता सूची की घोषणा की गई है। दावा और आपत्तियां दाखिल करने की अंतिम तिथि 22 नवंबर है। अंतिम मतदाता सूची 6 दिसंबर को जारी की जाएगी। 16 दिसंबर से नामांकन शुरू होंगे।  उम्मीदवार 7 जनवरी 2022 तक अपना नामांकन पत्र वापस ले सकते हैं। मतदान 17 जनवरी को हो रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सत्ताधारी महाविकास अघाड़ी एक साथ आकर यह चुनाव लड़ेगी। 

    ग्राम पंचायत, जिला परिषद और बाजार समिति के चुनावों का पार्टीवार होना मुश्किल है।  इन जगहों पर छोटे समूह प्रबल होते हैं।  कई विधानसभा और लोकसभा में एक पार्टी के लिए काम करते हैं। लेकिन एैसी जगहों पर समूह और गुटों पर जोर होता है।  इसे देखते हुए मंडी समितीयों के चुनाव अब महाविकास अघाड़ी के गटबंधन से होगा या पूराने तरीके से, इस पर लोगों की निगाहें लगी हुई हैं।