नाशिक महानगरपालिका कमिश्नर के नाम पर धोखाधड़ी, रहे सतर्क

    नाशिक : शुभ दिन, अब आप क्या कर रहे हैं? अभी आप कहां हैं, मैं एक मीटिंग में हूँ, लेकिन मैं इस जगह पर फोन नहीं उठा सकता। कृपया मुझे पैसे चाहिए, यह संदेश भेजकर महानगरपालिका कमिश्नर चंद्रकांत पुलकुंडवार (Municipal Commissioner Chandrakant Pulkundwar) के नाम पर ठगी (Cheated) का मामला सामने आया है। इस संबंध में साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। सुबह दस बजे ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के निदेशक डॉ. आवेश पलोद ने कमिश्नर को मैसेज दिखाने के बाद इस धोखाधड़ी के मामले में जानकारी दी। 

    महानगरपालिका कमिश्नर डॉ. पुलकुंडवार के डी पी वाले एक मोबाइल नंबर से अधिकारियों को आर्थिक मदद के संदेश मिलने लगे। चूंकि यह नंबर अधिकारियों के पास सेव नहीं है, इसलिए हर कोई सोच रहा था कि अब क्या किया जाए, ऐसे में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर कमिश्नर हॉल में बैठक शुरू हो गई। इस समय डॉ. पालोद के यह संदेश दिखाए जाने के बाद कमिश्नर चौंक गए, फिर धीरे-धीरे प्रत्येक अधिकारी आगे आए और दिखाया कि उसे भी ऐसा ही संदेश मिला है। महानगरपालिका कमिश्नर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस कमिश्नर जयंत नाईकनवरे से संपर्क किया और मामले की जानकारी दी। साथ ही पुलकुंडवार तुरंत अपने सभी परिचितों को संदेश भेज देता है कि कोई मेरे नाम पर मुझे ठगने की कोशिश कर रहा है। 

    मंचर के व्यक्ति का है वह नंबर

    महानगरपालिका कमिश्नर के नाम पर धोखाधड़ी करने संबंधी जो संदेश आया है, वह मंचर के किसी व्यक्ति है। डॉ. पुलकुंडवार के नाम की प्रोफाइल फोटो सेव कर अधिकारियों को आर्थिक मदद के लिए मैसेज किया गया। यह नंबर मंचर के एक शख्स का है। महानगरपालिका कमिश्नर ने अनुरोध किया है कि कृपया किसी अन्य नंबर पर कोई भी मुझसे संपर्क न करें। नाशिक महानगरपालिका कमिश्नर डॉ. चंद्रकांत पुलकुंडवार ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न घोटालों से लड़कर धोखाधड़ी बढ़ी है। मैंने देखा कि आज मेरे साथ भी ऐसा ही हुआ था, लेकिन मैंने तुरंत उनसे संपर्क कर सभी को सचेत किया। पुलिस स्टेशन में भी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है। उन्होंने कहा सभी सावधान रहें और इस तरह के लोगों से बचें।