Vaccination
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    नाशिक : कोरोना महामारी (Corona Pandemic) की तीसरी लहर (Third Wave) का सामना करने के लिए प्रशासन (Administration) ने तैयारी पूर्ण की है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका में ओमीक्रोन यह 7 गुणा आक्रमण होने वाला विषाणू सामने आने के बाद महानगरपालिका के चिकित्सा विभाग ने पहला और दूसरा टीका लेने वाले नागरिकों का सर्वेक्षण किया, जिसमें 1 लाख 23 हजार नागरिक ऐसे है, जिन्होंने पहला टीका लिया है।

    लेकिन कोवैक्सिन या कोवीशिल्ड लेने के लिए अनुक्रमे 30 और 84 दिनों की मुदद खत्म होने के बाद भी दूसरा टीका नहीं लिया। इसलिए पहले टीके का प्रभाव कम होने से उन पर कोरोना का खतरा मंडरा रहा है। उन्हें इस स्थिति से बचाने के लिए दूसरा टीका देने के लिए विशेष अभियान कार्यान्वित करने का निर्णय लिया गया है। शहर में कोरोना की पहली लहर से परेशान हुए नाशिकवासीयों को दूसरी लहर ने पहले लहर से जोरदार झटका दिया। दूसरी लहर इतनी भयावह थी की हर एक व्यक्ति चिंता में डूबा था। इसलिए महानगरपालिका प्रशासन ने टीकाकरण का उद्दिष्ट निश्चित किया।

    26 जनवरी से शहर में टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। सबसे पहले कोरोना योद्धा अर्थात कोरोना मरीजों के लिए काम करने वालों को टीका लगाया गया। इसके बाद 60 उम्र से अधिक नागरिकों का टीका लगाया गया। इसके बाद 45 उम्र से अधिक नागरिकों को टीका लगाया गया। 1 मई से 18 उम्र से अधिक नागरिकों को टीका लगाना शुरू किया। लेकिन पर्याप्त टीका उपलब्ध न होने से 45 उम्र से अधिक नागरिकों को टीका लगाने का निर्णय लिया गया। पर्याप्त टीका उपलब्ध नहीं हो रहा था तब नागरिक अलसुबह टीकाकरण केंद्र पर कतार लगाते थे। नगरसेवक भी प्रचार का हिस्सा मानकर टीकाकरण केंद्र शुरू किए। लेकिन केंद्र पर एक ही घंटे में टीके खत्म हो रहे थे, जिसे लेकर सरकार और महानगरपालिका पर जमकर टीका हुई। इसके बाद हर दिन टीका उपलब्ध होने लगा। लेकिन नागरिकों ने टीकाकरण अभियान को प्रतिसाद देना बंद कर दिया। 

    72 हजार टीका शेष 

    मनपा सिमाक्षेत्र में 129 केंद्र पर टीकाकरण अभियान शुरू है। आज की स्थिति में कोवैक्सिन और कोवीशिल्ड मिलाकर 72 हजार टीका उपलब्ध है। अब तक 1 लाख 23 हजार नागरिक ऐसे है, जिन्होंने 84 दिन बीतने के बाद भी दूसरा टीका नहीं लिया है। इसलिए ऐसे नागरिकों की खोज कर दी है। संबंधित नागरिकों ने दूसरा टीका लेकर सुरक्षित होने की अपील महानगरपालिका द्वारा की गई है।