Health worker beat pregnant woman, death of child, demand for action

    नाशिक : जिला अस्पताल (District Hospital) के स्वास्थ्य कर्मी (Health Worker) ने प्रसूता महिला (Pregnant Woman) को गंभीर रूप से पिटा। जिसके चलते उसके बालक की मौत होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस मामले की जिला प्रशासन (District Administration) ने जांच शुरू कर दी है। गुरूवार को संबंधित स्वास्थ्य कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर 8 घंटों तक बालक का शव वहीं पर पड़ा रहा। इस घटना से ठेका स्वास्थ्य कर्मियों की दादागिरी का मुद्दा भी सामने आया है। पीड़ित महिला का नाम हिरा कैलास गारे है।

    मंगलवार को पेठ से तड़के 4 बजे संबंधित महिला प्रसव के लिए नाशिक जिला अस्पताल में पहुंची थी। दरमियान उसे प्रसव पिड़ा के दौरान वह बाथरूप में जाने का प्रयास कर रही थी। इस दौरान सफाई कर्मी ने उसे रोका और गालीगलौज की। जिसके बाद उसे पिटते हुए दिवार पर ढकेल दिया गया। इससे महिला के पेट पर चोट लगी। सुबह प्रसव पिड़ा के दौरान भी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित नहीं थे। ज्युनिअर कर्मी ने प्रसव प्रक्रिया पूर्ण की। अनुभव नहीं होने के कारण  बालक फिसलकर जमीन पर गिर गया। बालक के सीर पर चोट लग गई। गंभीर रूप से घायल नवजात शिशु को इलाज के लिए एनआयसीयू में भर्ती किया गया। जहां इलाज के बीच बालक की मौत होने का आरोप संबंधित महिला के परिजनों ने लगया है। इस मामले में उन्होंने जिला शल्य चिकित्सक और पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई है।

    जांच के आदेश 

    इस मामले में पीड़ित महिला के परिवार ने जिला शल्य चिकित्सक के पास जांच करने की मांग कि है। साथ जब तक जांच नहीं होती, बालक का शव कब्जे में लेने से इंकार कर दिया। आरोप लगाया है की, प्रसव के दौरान प्रशासन ने लापरवाही की। डॉक्टर उपस्थित नहीं थे। सफाई  कर्मी के धक्का देने से महिला जमीन पर गिरी। बालक जमीन पर गिरा। जिससे बालक के सीरपर चोट आई। इसलिए उसे कांच में रखा गया। इस मामले में जिला शल्य चिकित्सक डॉ. अशोक थोरात ने जांच के आदेश दिए।

    रिपोर्ट के बाद कार्रवाई

    संबंधित मामले की जांच के आदेश दिए गए है। दो दिनों में जांच पूर्ण होगी। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई होगी।

    - डॉ. अशोक थोरात, जिला शल्य चिकित्सक, नाशिक

    चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी

    प्रसव के लिए जिला सरकारी अस्पताल में दाखिल महिला को गंभीर रूप से पिटने और बालक की मौत के लिए जिम्मेदार कर्मीयों सहित प्रसव के दौरान उनुपस्थित रहने वाले चिकित्सा अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई जरूरी होने की बात श्रमजीवी संगठन के नाशिक तहसील अध्यक्ष अर्जुन भोई, कैलास गारे, अरुण चौधरी, प्रदीप मालेकर, किसन देशमुख ने जिला शल्य चिकित्सक के पास की है।