अलग- अलग कीमतें से प्याज खरीदना किसानों के साथ अन्याय : सांसद डॉ. अमोल कोल्हे

    पिंपलगांव बसवंत : महाराष्ट्र (Maharashtra) में गर्मियों में प्याज (Onion) की फसलों में एक बड़ी फसल माना जाता है। महाराष्ट्र में किसान काफी संकट में हैं, क्योंकि प्याज का बाजार मूल्य उत्पादन लागत से भी बहुत कम है। प्याज की घटती कीमतें (Prices) राज्य में प्याज उत्पादकों के लिए परेशानी (Trouble) का सबब बन गई है। इस संबंध में शिरूर के सांसद डॉ. अमोल कोल्हे (MP Dr. Amol Kolhe) का कहना है कि नाफेड हर जगह समान दर से प्याज खरीदे। उन्होंने कहा कि कोल्हे ने कहा है कि महाराष्ट्र में जहां प्याज की खरीद नाफेड (Nafed) के माध्यम से हो रही है, वहां अलग-अलग क्षेत्रों में प्रति क्विंटल (Quintal) के भाव अलग-अलग हैं, उन्होंने कहा कि यह प्याज उत्पादकों के साथ अन्याय है। 

    सभी जिलों को समान दर से भुगतान करना चाहिए : डॉ. अमोल कोल्हे

    डॉ. कोल्हे ने कहा कि महाराष्ट्र में नाफेड के माध्यम से प्याज की खरीद की जा रही है और उत्पादों को शुल्क का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महाराष्ट्र के कुछ जिलों में प्याज खरीदी मूल्य अलग-अलग हैं, जो प्याज उत्पादकों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन रहा है। डॉ. अमोल कोल्हे ने मांग की है कि नाफेड को प्याज खरीदते समय सभी जिलों में समान दर से भुगतान करना चाहिए। 

    नाफेड से प्याज खरीदते समय यह देखा गया है कि जिले के आधार पर दरें अलग-अलग हैं और नाफेड की यह नीति किसानों के साथ अन्याय करने जैसी ही है। मंचर, आलेफाटा और जुन्नर समिति सहित पुणे जिले में प्याज की कीमत नाफेड की तुलना में काफी अधिक है। नासिक -1255, धुलिया – 1155, अहमदनगर – 1056, उस्मानाबाद – 1033, औरंगाबाद – 892 और पुणे – 963 रुपए प्रति क्विंटल है।