Murder

    नाशिक. 20 रुपए नहीं दिए इसलिए एक व्यक्ति ने मजदूर युवक की ब्लेड के कटर से वार कर हत्या (Murder) कर दी। पंचवटी पुलिस (Panchavati Police) ने मामला दर्ज करते हुए संदिग्ध आरोपी को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दी जानकारी के तहत मृतक का नाम सुनील है, जो मजदूरी करता था। वह अपना कामकाज खत्म कर अपने दो मित्रों के साथ पुराने आडगांव नाका स्थित सद्गुरू अस्पताल के पीछे गपशप कर रहा था। इस दौरान त्र्यंबकेश्वर निवासी मजदूर पंडित रघुनाथ गायकवाड़ वहां पर आया और सुनील से 20 रुपए (Rupees) की मांग करने लगा, परंतु सुनील ने पैसे नहीं दिए। इसके बाद पंडित ने ब्लेड कटर से सुनील के गले पर वार कर दिया। इसके बाद सुनील के मित्र वहां से भाग निकले। 

    खून में सना सुनील जान बचाने के लिए मदद मांग रहा था। अधिक खून बहने से वह बेहोश हो गया। घटना की जानकारी मिलते ही पंचवटी पुलिस वहां पर पहुंचकर बेहोश सुनील को उपचार के लिए जिला सरकारी अस्पताल में दाखिल किया। डॉक्टरों ने जांच कर सुनील को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने जांच कर सुनील के दोनों मित्रों को खोजा। उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पंडित को गिरफ्तार कर लिया गया।

    अज्ञात युवक की गला काटकर हत्या

    उधर, पंचवटी इलाके के पुराने आडगांव नाके के पास एक बंद दुकान के सामने अंदाजन 30 से 40 वर्ष के एक युवक की अज्ञात बदमाशों ने गला काटकर हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस के हाथों किसी भी प्रकार का सुराग अब तक नहीं लग सका है। मृतक की भी पहचान नहीं हो सकी है। इस दौरान शहर में हत्या की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। होटल कर्मचारी को पत्थर से कुचलकर मार देने की घटना अभी ताजी ही थी कि दूसरे ही दिन इस अज्ञात व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर युवक को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां के डॉक्टरों ने उसे मृत्य घोषित कर दिया। काट्या मारुति पुलिस चौकी के पास देर रात यह घटना घटी। कुछ ही दूरी पर स्थित पुलिस चौकी में उपस्थित पुलिस कर्मियों के होते हुए भी यह घटना हुई है। यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस पर नागरिकों द्वारा संदेह व्यक्त किया जा रहा है।  पुलिस उपायुक्त अमोल तांबे, सहायक पुलिस आयुक्त मधुकर गावित, पंचवटी पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक डॉ। सीताराम कोल्हे और क्राइम ब्रांच के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। काफी तलाश के बाद भी बदमाशों का कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।