साहित्य सम्मेलन से नाशिक का नाम होगा ऊंचा: छगन भुजबल

    नाशिक:  साहित्य सम्मेलन का आयोजन नाशिक (Nashik) का नाम ऊंचा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है और यह न केवल साहित्य सम्मेलन, बल्कि शहर और जिले के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार भी है। ऐसे विचार नाशिक जिले के पालक मंत्री (Guardian Minister) और साहित्य सम्मेलन के स्वागताध्यक्ष छगन भुजबल (Chhagan Bhujbal) ने व्यक्त किए। उन्होंने जिला प्रशासन और आयोजकों को सारस्वत के इस पर्व को और गुणवत्तापूर्ण बनाने के निर्देश दिए हैं। वे भुजबल नॉलेज सिटी (Bhujbal Knowledge City) में 94वें अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन में आयोजित बैठक में बोल रहे थे। 

    इस बैठक में पूर्व विधायक हेमंत टकले, पुलिस कमिश्नर दीपक पाण्डेय, नाशिक महानगरपालिका कमिश्नर कैलास जाधव, जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी लीना बनसोड, अपर जिला अधिकारी दत्तप्रसाद नडे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक माधुरी कांगणे, जिला शल्य-चिकित्सक डॉ. अशोक थोरात, महानगरपालिका स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बापूसाहेब नागरगोजे, पुलिस उपायुक्त अमोल तांबे, उप जिला अधिकारी और नोडल अधिकारी नितीन मुंडावरे, विश्वास ठाकुर, शंकर बोर्हाडे, रवींद्र पगार, दिलीप खैरे, डॉ. शेफाली भुजबल, संजय करंजकर आदि उपस्थित थे। 

    नाशिक शहर और आसपास के क्षेत्रों का करें सौंदर्यीकरण

    इस अवसर पर पालक मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि साहित्य सम्मेलन के अवसर पर नाशिक शहर और उसके आसपास के सौंदर्यीकरण पर अधिक जोर दिया जाना चाहिए। साहित्य प्रेमियों को हमारी गुणवत्ता प्रणाली से जो सुविधाएं मिलेंगी, उससे नाशिक का नाम राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचेगा। नागरिकों को शटल बस सेवा उपलब्ध कराई जाए। साहित्य सम्मेलन के उत्सव की गुणवत्ता के लिए नागरिकों का सहयोग भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। स्वच्छ नाशिक, एक सुंदर नाशिक, आदरणीय नाशिक ही साहित्य को विश्वास के सामने ले जाएगा। उन्होंने कहा कि योजना को लेकर जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक भी की जाएगी। हम यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश करेंगे कि यह बैठक में सभी की जिम्मेदारी तय हो और इसमें कोई कमी न हो। 

    बैठक स्थल पर स्थापित होगा पर्यटन विभाग का केंद्र 

    उन्होंने कहा कि बैठक स्थल पर पर्यटन विभाग का केंद्र स्थापित किया जाएगा और नाशिक जिले में पर्यटन की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी आशा व्यक्त की कि एक गुणवत्तापूर्ण साहित्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसे जिला प्रशासन, नगरपालिका प्रशासन, पुलिस प्रशासन और अन्य सभी एजेंसियों को अपने-अपने क्षेत्रों में योगदान देने के लिए कई वर्षों तक याद किया जाएगा। इस अवसर पर मंत्री भुजबल के साथ चर्चा में पूर्व विधायक हेमंत टकले, विश्वास ठाकुर और जयप्रकाश जटेगांवकर ने हिस्सा लिया। भुजबल ने साहित्य सम्मेलन स्थल का निरीक्षण कर प्रदान की जाने वाली सेवाओं और सुविधाओं की जानकारी दी।